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हौसला बढ़ाने वाली प्रेरक कविता | उत्साह बढ़ाने वाली कविता

by Sandeep Kumar Singh
33 comments

उत्साह बढ़ाने वाली कविता  मुसीबतें किसके जीवन में नही आती? मुसीबतें हमारे जीवन का एक अभिन्न भाग है। कुछ लोग मुसीबतों का सामना नही कर पाते। कुछ लोग सामना करते है, और थक कर बीच में ही हार मान लेते है। जबकि कुछ लोग कभी हार नही मानते और मुसीबतों से तब तक लड़ते रहते है, जबतक वो जीत ना जाये। बस उन्ही लोगो से प्रेरित हौसला बढ़ाने वाली प्रेरक कविता हम लाये है।

ये शिक्षाप्रद , जोश भरी उत्साहवर्धक और प्रेरणादायक कविताएँ आपका हौसला भी बढ़ाएंगी, और कर्म करने की प्रेरणा भी देंगी।

हौसला बढ़ाने वाली प्रेरक कविता


१.  प्रेरक कविता: मजबूत हौसला

हौसला बढ़ाने वाली प्रेरक कविता

कमज़ोर दिल हैं वो,
जो सहारों की तलाश करते हैं,
बैसाखियाँ बना बहानों की
मदद की फरियाद करते हैं।

टूट कर बिखर जाते हैं
अकसर ठोकरों से,
जो बता खुद को मजलूम
बर्बाद किया करते हैं।
गर जीना है शान से
तो सीना तान ले,
कर मज़बूत हौंसला
काबिलियत अपनी पहचान ले।

ऊंचाइयों पर जाने वालों का
ये दुनिया इस्तकबाल करती है,
पहुँच जाए जो बुलंदियो पर
ए “गुमनाम”
ये झुक-झुक कर
सलाम करती है।

ये भी पढ़िए- अगर-मगर | भूत की गलतियाँ सुधार भविष्य बनाने की एक प्रेरणा


२.  कर्म की प्रेरणा देती कविता: चट्टान सी मुसीबतें

कर्म की प्रेरणा देती कविता: चट्टान सी मुसीबतें

चट्टान सी खड़ी रही मुसीबतें,
मैं सागर की लहरें बन टकराता रहा।
कठोर छाती ढकेल देती वापस मुझे,
बटोर हिम्मत मैं बार-बार वापिस आता रहा।

धूल धुल गई जब सच के आइने से,
मेरी कोशिशों का असर रंग दिखाता रहा।
टूट रहा था वो पत्थर भी धीरे-धीरे,
साध निशाना मैं वार हर बार बरसाता रहा।

बिखर रहा था वो इस चोट से ज़र्रा-ज़र्रा,
देख साहिल मैं उस पार रास्ता बनाता रहा।
कट गया पत्थर मेरी रुकावटों का,
धुन उमंग के गीतों की मैं गाता रहा।
चट्टान सी खड़ी रही मुसीबतें
मैं सागर की लहरें बन टकराता रहा।

पढ़िए: मंजिल की और बढ़ने की प्रेरणा देती छोटी कविताएँ

ये हौसला बढ़ाने वाली प्रेरक कविता आपको कैसी लगी, हमें जरुर बताये।

धन्यवाद।

आगे क्या है खास:

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33 comments

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Bhagwan जुलाई 9, 2021 - 2:20 अपराह्न

ऊर्जावान कृतियां 👏👏👏👏

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 19, 2021 - 10:37 अपराह्न

धन्यवाद भगवान् जी…..

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चंदन कुमार सिंह मई 2, 2020 - 9:30 पूर्वाह्न

बहुत सुंदर

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 2, 2020 - 11:16 पूर्वाह्न

धन्यवाद चन्दन जी।

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Priyanka फ़रवरी 7, 2020 - 6:53 अपराह्न

Can I use your poetry for my YouTube channel
Your poetries are awesome

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Tanisha Sharma जुलाई 6, 2019 - 8:30 अपराह्न

It's a very motivational poem and I loved these poems a lot and read all poems of yours. THANK YOU VERY MUCH, SIR .

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KK मई 11, 2019 - 11:32 पूर्वाह्न

प्रेरणादायक रचना सर।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 11, 2019 - 12:23 अपराह्न

धन्यवाद KK जी..

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S जनवरी 11, 2019 - 10:07 अपराह्न

Heart touching great poem sir ji

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जनवरी 14, 2019 - 5:33 अपराह्न

धन्यवाद सूरज जी…

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Rishikesh tripathi अगस्त 21, 2018 - 4:56 अपराह्न

हमारा प्रयास छात्र विकास पर कुछ कविता भेजे मेरा व्हाटसप नम्बर 7309677229

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अगस्त 25, 2018 - 11:32 पूर्वाह्न

ऋषिकेश त्रिपाठी जी हम कविताएँ नहीं भेजते हैं। ये हमारे ब्लॉग का हिस्सा नहीं है। आपको यहीं आकर कविताएँ पढ़नी पड़ेंगी। जिससे हमारा और आपका प्यार बना रहे। धन्यवाद।

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P k yadav अगस्त 9, 2018 - 6:14 पूर्वाह्न

Thank you

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राजेश कुमार बंसल मई 8, 2018 - 10:56 पूर्वाह्न

आपकी रचनाएँ बहुत ही दमदार और असरदार हैं, जिन्हें मैं अक्सर अपने चर्चा सत्र में अपने दर्शकों को सुनाया करता हूँ| लेकिन कमाल की बात यह है कि मंत्रमुग्ध होने के बावजूद कोई आपसे मिलने की तमन्ना नहीं करता| जबकि मैं बहाना ढूंढता हूँ कि किस कदर आपसे रूबरू होने का मौका मिले| और अपनी महफ़िल में हम आपको आमंत्रित करें| लेकिन मेरा प्रयास है जैसे ही यह संभव होगा तब आपको अवश्य आमंत्रित करेंगे|

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 9, 2018 - 8:55 अपराह्न

राजेश कुमार बंसल जी,
किसी को खुशियां मिलती हैं अगर मेरे लफ्जों से,
तो कोई गम नहीं अगर मैं गुमनाम भी रहा।
सराहना के लिए धन्यवाद। ईश्वर ने चाहा तो आपसे मुलाकात जरूर होगी।

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mehararam jani अप्रैल 27, 2018 - 11:20 अपराह्न

Sundeep sir ji
You are a better ideal and motivational teacher and best guidiance poeter. As my thinking that "you will be able to get and touch high top quality level in your life " I bless to God for you .
I like this best page and click on the right place for you.
So, next time I hope that you have write many poem and send in this blog.
Thanks sir ji my name is mehararam jani village kalewa district Barmer state rajasthan.

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अप्रैल 28, 2018 - 7:53 अपराह्न

Thanks for your best wishes mehararam jani ji. I'll surely write many poems for this blog…..

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MANISH Kumar savita अप्रैल 5, 2018 - 7:05 अपराह्न

Sir ap bhut achhi poem likhte h Sir mujhe parle biscuits ke upar poem cahiye Hindi me

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अप्रैल 11, 2018 - 9:39 अपराह्न

MANISH Kumar savita जी वैसे तो हम किसी उत्पाद पर कविता नहीं लिखते परन्तु यदि भविष्य में हम ऐसा करते हैं तो जरूर इस विषय पर लिखने का प्रयास करेंगे।

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Rakesh फ़रवरी 16, 2018 - 9:21 अपराह्न

Really sir its very helpfull. THANKS……….

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Tazeem adeeb नवम्बर 26, 2017 - 5:50 पूर्वाह्न

Yaro dil ko tar tar kardi ye aap ki kavita ne

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Ashis raj अक्टूबर 13, 2017 - 4:58 अपराह्न

This poem change my life thanks for this

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अक्टूबर 13, 2017 - 5:52 अपराह्न

Ashish Raj ji we are feeling very happy that our writing is able to change someone's life…Keep reading more motivational things on our website…

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Ishank जुलाई 21, 2017 - 1:40 अपराह्न

very inspirational. thanks to author

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 21, 2017 - 9:43 अपराह्न

It's my pleasure Ishank ji….

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योगेन्द्र सक्सेना मई 14, 2017 - 2:19 अपराह्न

संदीप जी, नमस्कार
आपकी कविताएँ बहुत सुन्दर लगी मन प्रसन्न हो गया। इतनी सुन्दर रचनाओं के लिए धन्यवाद
योगेन्द्र सक्सेना (नोएडा)

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 17, 2017 - 5:30 अपराह्न

धन्यवाद योगेंद्र सक्सेना जी…मुझे खुशी है कि हम आप जैसे पाठकों को अपनी रचनाओं से संतुष्ट कर पा रहे हैं।

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Naman अप्रैल 20, 2017 - 12:54 अपराह्न

Mujhey aapki kavitayein bahut hi pasand hain.

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अप्रैल 20, 2017 - 3:22 अपराह्न

बहुत शुक्रिया आपका Naman जी अपनी राय देने के लिए। ये हमारी खुशकिस्मती है जो आप जैसे पाठक इन कविताओं को अपना प्यार देते हैं। और रचनाएं पढ़ने के लिए हमारे साथ बने रहिये। धन्यवाद।

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Raj Kishor prasad सितम्बर 12, 2016 - 9:24 अपराह्न

Very good

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Mr. Genius
Mr. Genius सितम्बर 12, 2016 - 10:00 अपराह्न

Thanks Raj Kishor Prasad ji..

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vikas जून 21, 2016 - 4:23 अपराह्न

When I read this …… it’s like this poem attach me to my world really it’s good and it help those people’s who lost their staved. ..

Reply
Mr. Genius
Mr. Genius जून 21, 2016 - 10:33 अपराह्न

Thanks Vikas bro….. we will try to write more like this….your comment is precious to us….people like you motivate us to write motivational ideas….

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