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पिता की याद में शायरी | Papa Ki Yaad Shayari | स्वर्गीय पिताजी के लिए स्टेटस

by Sandeep Kumar Singh

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Papa Ki Yaad Shayari – पूरे परिवार के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाला एक ही इंसान होता है और वो है ‘ पिता ‘। जब तक पिता हमारे साथ रहते हैं तब तक वो सारी जिम्मेवारी निभाते हैं। लेकिन हमने इस बात का अहसास नहीं होता। इस बात का अहसास हमें उनके चले जाने के बाद होता है। उसके बाद कुछ बाकी रह जाता है तो बस उनके साथ बिताई यादें और उन्हें न समझ पाने का पछतावा। उन्हीं यादों और पछतावों को शब्दों का रूप देकर मैंने ये शायरी संग्रह ‘ पिता की याद में शायरी ‘ लिखने का प्रयास किया है। आशा करता हूँ ये शायरियाँ आप सब के दिल को अवश्य छू जाएँगी। तो आइये पढ़ते हैं  ‘ दिवंगत  पिता की याद में शायरी ‘  :-

Papa Ki Yaad Shayari
पिता की याद में शायरी

 विडियो देखे या पिता की याद शायरी नीचे पढ़े:-

पिता की याद में शायरी | Pita Ki Yaad Mein Shayari | Shayari On Father

 1.
यूँ तो दुनिया के सारे गम
मैं हंस के ढो लेता हूँ,
पर जब भी आपकी याद आती है
मैं अक्सर रो देता हूँ।


2.
मार-मार के पत्थर को
एक जौहरी हीरा बनाता है,
आपकी डांट का मतलब हमको
आज समझ में आता है।


3.
हाँ मैं खुश था उस बचपन में
जब आपके कंधे पर बैठा था,
मगर बहुत रोया था जब
मेरे कंधे पर आप थे।


4.
हर पल अहसास होता है
आप यहाँ ही हों जैसे,
काश ये हो जाये मुमकिन
मगर ये मुमकिन हो कैसे?


5.
गिर-गिर कर आगे बढ़ता था जब मैं बचपन में
ऊँगली पकड़ कर चलना सिखाया
और पढ़ा लिखा कर बड़ा किया,
याद है मुझे आपने अपनी कई ख्वाहिशें भुला कर
मेरी हर जरूरत को पूरा कर
मुझे मेरे पैरों पर खड़ा किया।


पढ़िए पिता पर कविता :- बंजर है सपनों की धरती


6.
कब का बर्बाद हो गया होता मैं
इस मतलबी दुनिया में,
सफल होने में काम आये
सबक जो पिता ने पढ़ाये थे।


7.
जब भी कमी खलती है आपकी
आपकी यादों से मुलाकातें कर लेता हूँ,
अब आपसे मिलना मुमकिन कहाँ
इसलिए आपकी तस्वीर से बातें कर लेता हूँ।


8.
सुधार लूँ मैं गुस्ताखियाँ जिन्दगी की
अब गलती करने पर मुझे कहाँ कोई डांटता है,
अकेले ही जूझता हूँ अब मैं जिन्दगी से
आपकी तरह मेरे दर्द कहाँ कोई बांटता है।


9.
एक पिता की अहमियत क्या है
इसका जवाब वक़्त मेरे सामने लाया है,
किन हालातों से गुजरे होंगे
मुझे पालने के लिए आप
ये मुझे खुद
पिता बन कर समझ आया है।


10.
कभी डर लगता था आपकी डांट से
आज आपकी ख़ामोशी मुझे सताती है,
मुझे मालूम है कि अब आप नहीं आने वाले
फिर भी आपकी यादें अक्सर मुझे रुलाती हैं।


11.
जिन्दगी के अंधेरों में वो जलती मशाल थे,
मुसीबतों से बचाने को वो परिवार की ढाल थे,
कहाँ जी पाये थे वो अपनी जिन्दगी अपने हिसाब से
पिता हमारे कोई आम शख्स नहीं त्याग की एक मिसाल थे।


12.
वक़्त बीत गया लेकिन रह गयी हैं वक़्त की परछाईं
आपके जाने के बाद कुछ बची है तो बस तन्हाई
निकल पड़ते हैं आँख से आँसू और दिल बैठ जाता है
जब भी याद आती है बातें जो आपने थी बताई।


13.
किसी चीज की कमी न थी
आप थे तो दुनिया कितनी प्यारी थी
आज परिवार की जरूरतों में जिन्दगी कट रही है
तो अहसास होता है
आपके कन्धों पर जिम्मेवारी कितनी भारी थी।


14.
बिन पिता के तो ये सारा जहान वीरान लगता है
ये जग भी चलते फिरते लोगों का श्मशान लगता है,
जब तक रहता है संग किसी चीज की जरूरत नहीं होती
दूर हो जाता है तो बेगाना ये सारा जहान लगता है।


15.
कैसे चुकाऊंगा कर्ज उस पिता का इस जन्म में
जिनके बूढ़े हाथों ने मेरी तकदीर बनायी थी,
अपने जीवन के सारे रंग छोड़
मेरे भविष्य की सुनहरी तस्वीर बनायीं थी।

पिता की याद में शायरी | पापा की याद स्टेटस


16.
ये वादा है कि जब तक जी रहा हूँ
आपके दिये संस्कारों पर चलना मेरा काम रहेगा,
हाँ मानता हूँ जिन्दगी में आपका साथ नहीं
मगर मरते दम तक मेरे नाम के साथ आपका नाम रहेगा।

 

पढ़िए पिता से संबंधित ये खूबसूरत रचनाएं :-

आपको यह शायरी संग्रह ‘ स्वर्गीय पिता की याद में शायरी ‘ ( Papa Ki Yaad Shayari ) कैसा लगा? इस बारे में कमेंट बॉक्स में निःसंकोच लिखें।

धन्यवाद।

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55 comments

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SHRAY MITTAL April 22, 2022 - 11:19 PM

Papa pariwar mai aur bhi bahut hai par ye koi nahi puchta ki tujhe kya dukh hai ji karta hai papa ki ab bus mai apke paas aa jau ab jine ki iccha nahi hai

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Harshita Dhruw March 29, 2022 - 10:23 PM

पिता , पिता इस व्यक्ति पर जितना कहा जाये सभी कम हैं
एक तरीके से माना जाये तो पिता घर की छत के समान होते हैं व बाकी बचे अन्य सदस्य चार दीवार जैसे होते हैं , यदि पिता पर कोई आंच आयी तो अन्य सदस्य भी कमजोर हो जाते हैं
पिता के बिना जिंदगी ही बड़ी मुश्किल हो जाती हैं।

मां सोचती हैं आज मेरे बच्चे करता खायेंगे , मगर पिता सोचते हैं मेरे बच्चे जिंदगीभर क्या खायेगें 💝

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Rishi February 17, 2022 - 7:36 PM

पापा जी आपको जीते जी कभी नही कह पाया I love you very much
कभी आपके गले नही लग पाया ।
आप एक बार वापस आ जाओ कुछ तो बोलकर या समझा कर जाते के कैसे जीना है अब।

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Dr amarnath gupta September 27, 2021 - 6:31 PM

Maa ,papa guru hai maa ,papa bhagwan hai

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Renu August 3, 2021 - 8:14 PM

Papa I miss you mhuje apki sari baate yadh ati h kabhi socha nahi tha m app Achanak mhuje chor ke chale jayege bas papa mera sath mat chorna app dur rahekar bhi mere sath rahena nahi toh m bhut akela feel karti hu god se meri request h ki apko Jha bhi nahi rakhe khush rakhe apko sawarg mile and I Miss you so much papa ????????????????rip

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Ranjeet Kumar duvet July 4, 2021 - 2:48 PM

पिता की याद रुला देती है (आप बहुत अच्छे लिखते है)

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Vinod Nathany April 23, 2021 - 4:20 PM

आज मेरे पिताजी की 25वीं पुण्य तिथि है।
संदीप जी, आपकी इस हृदयस्पर्शि रचना को पढकर आँखें अश्रुपुर्ण हो गई….पिताजी के स्पर्श एवं स्मृति का जीवंत एहसास हो गया।।
आज पिताजी को आपके मंच से भावपुर्ण श्रध्दाजंली एवं कोटि-कोटि पृणाम।।
(विनोद नाथानी)

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Sunil Solanki April 7, 2021 - 10:51 AM

Bhut he achi kavita h sir

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh April 22, 2021 - 11:28 PM

धन्यवाद सुनील जी…

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Shubham Jain March 29, 2021 - 8:31 AM

Miss you so much papa ji

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shreyaa February 16, 2021 - 7:24 PM

I luvv uhh papa nd miss uhhh plzzzz ek baar aa jaaiye plzzz ek baar ????????????????????????????

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Ramesh Kumar Gupta December 22, 2021 - 7:57 AM

Wo nahi to, unka naam aapke saath humesha rahega, aage badte rahiye sab thik ho jayega

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Honey Gupta February 5, 2021 - 8:40 AM

Love you PaPa Miss u muje ye sayri bahut acchi lgi sach m bahut yaad aye papa inko padke

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Harnam singh parihar December 28, 2020 - 10:40 PM

पापा आपकी बहुत याद आती है रात में आँख से पानी निकलता है पापा ऐसा क्या होगया जो आप हम सब को छोड़ कर चले गए पापा दुनिया की हर सोख आपने मेरे किये आप धूप में चलते रहे मुझे धूप में नही रहने दिया पापा में भगवान से एक ही चीज़ मांग रहा हूं हर जन्म में आप ही मेरे पापा हो
Love you papa
Miss you so much papa❤️????????????

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Amit singh December 18, 2020 - 6:09 AM

I miss you papa ji
Kaha hai aap
Ek bar aa jao
Please
????????

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Saba shaikh November 1, 2020 - 5:59 PM

Miss you daddy ????????????????????

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Shyam Nath October 14, 2020 - 11:43 AM

Bahut achchi kavita papa ki yaad aa gayi

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Aashu bisen September 30, 2020 - 1:52 PM

Khusiyose bhara har pal hota h…
Jindagime sunhara har kal hota h…
Milati h ..kamyabi unko..
Jinke SAR par papa ka Hath hota h.. miss you so much papa …

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh January 31, 2021 - 9:26 PM

So true Aashu Bisen ji…

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Mamta August 20, 2021 - 12:26 PM

Really I also miss my parents maa papa badi di ❤️ u so much pls come back in my life

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Ganpat Gurjar April 21, 2020 - 10:54 PM

Miss you papa ji

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Jayant Kushwah February 3, 2020 - 1:08 PM

sandeepji bahut hi marmsparshi shayri hai.. mere pita ko 29 Jan 2020 ko maine kho diya.
Aur ye padkar laga jaise mere aaspass hi ho.. rula diya bhai .. I Love & Miss you PAPA..!

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रहमान December 20, 2019 - 8:08 PM

मेरे मम्मी पापा ने मेरे बचपन में साथ छोड़ दिया था मेरे चाचा ने कभी मम्मी पापा याद महसूस नहीं होने दी इस पर ऐक शायरी बनाओ

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Parag jaiswal December 20, 2019 - 6:19 PM

मा, संदीप जी कुछ शब्द ऊन पर भी लाखो जो पिता न होने का एहसास भी नही होने देते,। मैं इस लिये कह रहा हु क्युके मेरे पिताजी 2008 मे गुजर गये थे, तब से लेकर आज तक मेरे 3 चाचाजी ओर बाकी परिवार के सदस्य ने हमे पिता न होने का एहसास भी नही होणे दिया, हाल हि में मेरे दीदी कि शादी हुई , काश मेरे पिता जी भी होते तो इतनी अछि शादी नही होती ती जितनी मेरे चाचा जी ओर परिवार के सदस्य ने कि….

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Aarti December 18, 2019 - 11:47 AM

I love you papa alot miss you god wapas kr do mere papa ko plss god

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Saroj Kumar December 12, 2019 - 10:44 PM

आप का कविता रुला देता है मुझे बहुत मिस karta हू उन्हें

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Raushan Kumar September 10, 2019 - 4:32 PM

Bhut hi emotional baatein ki gai muje mere Papa bhut yaad aaye or aage bhi aate rhenge I miss u I love u

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Navrang Baroliya August 3, 2019 - 6:46 PM

मैं भले ही पापा आप की कुर्सी पर बैठ जाता हूं पर अनुभव के मामले में तो आपके घुटनों तक ही आता हूं आई मिस यू पापा????????

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Bharat prajapat June 22, 2019 - 10:36 PM

I miss my dear father

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surya June 17, 2019 - 9:21 PM

i miss you papa.

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Priti Singh June 16, 2019 - 9:34 PM

बहुत ही हृदयस्पर्शी पंक्तियाँ हैं आँखों से आंसू बह गए और मुझे मेरे पिता जी बहुत याद आये।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh July 16, 2019 - 2:52 PM

धन्यवाद प्रीती सिंह जी…

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jitendar kumar May 21, 2019 - 2:16 PM

right talk i also like dad thanks

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Kareem February 19, 2019 - 10:56 AM

Koi aisee shary likhe Jo parivar ko log par bhi rahe jab apne chacha our buaa par ho our pita ko dakhall andaz kare our pita khud ko bhar jake rahene lage kirayedar par phir wo apna ghar kkhudka banale

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh February 19, 2019 - 12:52 PM

करीम भाई आपके दिए गए विचार पर हम काम करने का जरूर प्रयास करेंगे..धन्यवाद…

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Devendra Pandey January 13, 2019 - 12:48 PM

Pita ke hone ka Ahsas bhale na ho kintu Pita ke na hone ka ahsas bahu5 hota h bahut hi sundae rachaye h

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh January 14, 2019 - 5:34 PM

धन्यवाद देवेन्द्र पाण्डेय जी…..

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Ganga vinod saran December 15, 2018 - 11:42 PM

बहुत खुश नसीब होते हो बो जिनके सर पर बाप का हाथ होता ह सब हसरते पूरी हो जाती ह जब बाप का साथ होता

I miss my father
I love him very much ????????????????

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Ashish kumar December 9, 2018 - 7:36 PM

दुनिया मे माता पिता से बढ़ कर कोई नही उनका प्यार मुझे याद आता आँख भर आता है
पापा आप मुझे यू छोड़ कर नही कर जाते आपके बिन में अधूरा हूँ

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Pavitra Lama October 22, 2018 - 10:57 PM

आकाश से भी ऊँचा पिता,
पिता के गुज़रने के बाद अहसास हुआ,
सागर से भी गहरा माँ की ममता,
माता से वियोग होने के बाद पता चला,
काश माता-पिता से दोबारा मिल पाती,
मैं आकाश और पाताल को जोड़ देती ।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh October 24, 2018 - 10:42 AM

बहुत बढ़िया Pavitra जी

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Mithlesh suman August 25, 2018 - 6:18 PM

आंखों से आंसू निकल आये

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ऋषभ भदानी June 11, 2018 - 12:32 PM

दिल को छू लेने वाली काव्य रचना।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 11, 2018 - 1:36 PM

धन्यवाद ऋषभ भदानी जी।

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आलोक विश्वास June 8, 2018 - 12:40 PM

वाकाई गजब पापा की याद आ गयी

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 11, 2018 - 1:36 PM

धन्यवाद आलोक जी।

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RAJESH NAIKWADE June 5, 2018 - 4:32 PM

nice

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 7, 2018 - 6:40 PM

धन्यवाद राजेश जी।

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विनय कुमार May 19, 2018 - 9:54 AM

सही कहा आपने, कविता कोई हलवा नहीं जो मुँह में रखते ही गटक जाए। इसके लिए पाठको को भी थोड़ा तपना पड़ता है।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 19, 2018 - 10:02 PM

विनय कुमार जी बिलकुल सही बात कही आपने। पाठकों के धैर्य और संयम के कारण ही हम भी आगे बढ़ पाते हैं। अगर एक कवि काव्य की रचना करता है तो एक पाठक उसकी रचना को सार्थक करता है। इसी तरह अपने अमूल्य विचार हम तक पहुंचाते रहें। धन्यवाद।

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विनय कुमार May 19, 2018 - 9:51 AM

आपकी कविताएं अच्छी लगी।

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ठाकुर सीमांत कुमार स्नेही April 5, 2018 - 10:43 PM

एक बेहतरीन एवं दिल को छू लेने वाली रचना, वो भी साधारण से शब्दों में | साधुवाद इसके लिए |इससे ज्यादा कहने को मेरे पास शब्द ही नहीं है, भावनाएं समुद्र की उन्मत तरंगों की तरह उठ रही है पर उन्हें शब्दों में बयां करने के लिए शब्दों की कमी महसूस हो रही है |

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh April 11, 2018 - 9:41 PM

ठाकुर सीमांत कुमार स्नेही जी पाठकों का यही प्यार है जो हमें लिखने की प्रेरणा देता है। आप बस इसी तरह हमारे साथ बने रहें ताकि हम आप के समक्ष ऐसी रचनाएँ लाते रहें। एक बार फिर आपका धन्यवाद।

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DASMAT MURMU March 17, 2018 - 8:07 PM

आपकी कविता हमें पढ़ के बहुत ही अच्छा लगा। लेकिन आप इस कविता का अर्थ बताते तो और आसान हो जाता हमें समझने में।।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh March 21, 2018 - 7:40 PM

DASMAT MURMU जी पहली बात तो ये कि ये शायरी है और यदि आप कविता की बात कर रहे हैं तो उनके भावार्थ तो बच्चों की किताबों में ही अच्छे लगते हैं। यहाँ तो हम सीधा कविताओं के माध्यम से आप लोगों से जुड़ना चाहते हैं।

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