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दर्द भरी कविता याद में :- मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है | Dard Bhari Kavita

by ApratimGroup
12 comments

यादों पर कविताएँ तो आपने हमारे ब्लॉग पर पढ़ी ही हैं। इस बार याद पर कविता भेजी है हमारे पाठक हरीश चमोली जी ने। इस ब्लॉग पर उनकी एक कविता पहले प्रकाशित हो चुकी है। तो आइये पढ़ते हैं उनकी ये दर्द भरी कविता याद में :-

दर्द भरी कविता याद में

दर्द भरी कविता याद में

सूखे पत्तों की आहट से , मुझे याद तेरी आती है.
मन चंचल चित उपवन में, इक महक सी छा जाती है,
मेरे दिल की गहराई से पूछो, तुम्हें पाने की हसरत कितनी है
कितना है तुमसे प्यार मुझे, जीने के लिए साँसें जरूरी जितनी हैं,
नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है
तुम जल्दी से आ जाओ ना, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है।

तुम थी तो लगता था, जैसे सब कुछ है पास में मेरे.
इक अलग ही बेकरारी रहती थी अकसर इंतज़ार में तेरे,
घडी की सुइयां भागती थी, जब मेरे तू पास होती थी
अब तो ये सुइयां भी बिन तेरे आगे न बढ़ पाती हैं,
नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है
तुम जल्दी से आ जाओ ना, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है।

दिखे कोई प्रेमी जोड़ा तो, मुझे तुम्हारी याद आ जाती है
तुम्हारी हर इक याद पुरानी, फिर ताज़ी हो जाती है,
तेरी मेरी प्रेम कहानी फिर गीत वही तब गाती है
दिल की इस सुनी बगिया में, इक हलचल सी मच जाती है,
नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है
जल्दी से आ जाओ ना तुम, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है।

हर वक़्त उद्दास रहता है अब, मन चंचल और चित्त ये मेरा.
जाने से तेरे मेरी दुनिया से, हताश हुआ है व्यक्तित्व मेरा,
न जीने की अब कोई चाहत है , न तन में जान ही बाकी है
इस भीड़ भरी दुनिया में अब , कोई न मेरा साथी है,
नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है
जल्दी से आ जाओ ना तुम, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है।

अब तो अतीत के पन्नो में, मैं हर दम खोया रहता हूँ
तेरे सपनों की दुनिया में, मैं हर दम सोया रहता हूँ,
आ जाओ वापस तुम, घर आँगन मेरा महका दो
करेंगे एक शुरुआत नई, तुम बस मुझको एक मौका दो,
नहीं रहा जाता अब तुम बिन , जान मेरी अब जाती है
जल्दी से आ जाओ ना तुम, मेरी धड़कन तुम्हें बुलाती है।

पढ़िए याद और दर्द से संबंधित रचनाएं :-


शिक्षक पर कवितामेरा नाम हरीश चमोली है और मैं उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल जिले का रहें वाला एक छोटा सा कवि ह्रदयी व्यक्ति हूँ। बचपन से ही मुझे लिखने का शौक है और मैं अपनी सकारात्मक सोच से देश, समाज और हिंदी के लिए कुछ करना चाहता हूँ। जीवन के किसी पड़ाव पर कभी किसी मंच पर बोलने का मौका मिले तो ये मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी।

‘ दर्द भरी कविता याद में ‘ के बारे में कृपया अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे लेखक का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढने का मौका मिले।

धन्यवाद।

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12 comments

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Santosh Sharma मई 27, 2021 - 10:44 अपराह्न

Atiyant Sundar Kavita h, man bhavuk, aap ese
Hi nai nai kavitaye likhte rhe.

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Bhevesh मई 17, 2021 - 12:49 पूर्वाह्न

Sir mai aap ke poem ko aapna sound dena chata hu

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 17, 2021 - 11:07 अपराह्न

Bhevesh ji contact us on whatsapp no. 9115672434

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piryanka mishra मई 7, 2021 - 8:06 अपराह्न

बहुत सुन्दर सराहनीय कविता है आपने हर दुखी दिल की बात कह दी अपनी कविता के माध्यम से

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Harish chamoli अप्रैल 23, 2020 - 11:45 अपराह्न

आप सभी की प्रतिक्रियाओं के लिए बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद। ऐसे ही आशीर्वाद बनाएं रखें।
हरीश चमोली

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Jagadish patil अप्रैल 19, 2020 - 10:38 अपराह्न

Sir kharach khup chan
Me Maharashtra in ahe Mala hidi yet nahi pan he kawitA wachun I'm proud to my artistic
Fantastic

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अप्रैल 23, 2020 - 5:33 अपराह्न

समझ में तो कुछ नहीं आया जगदीश जी लेकिनं फिर भी अच्छा लगा पढ़कर…

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राहुल मई 11, 2019 - 7:43 पूर्वाह्न

दिल को छु लेने वाली पंक्तियाँ धन्य हो आप

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अजय यादव नवम्बर 9, 2018 - 2:03 अपराह्न

आप की कविता के बारे में मैं जितना भी काहू कम पड़ेगा, आप की ओर कविताओ का मुझे इंतज़ार रहेगा

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Kunal Awatare सितम्बर 14, 2018 - 5:41 पूर्वाह्न

Bohot acchi shayari hai… Dil chhu liya yr isne toh.

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Dilkewords सितम्बर 11, 2018 - 9:32 पूर्वाह्न

waah bahut khoob hai Harish chamoli G

nahi raha jata ab tum bin jaan meri jati hai
jaldi aajao tum jaan dhadkan mri bulati hai
kya khoob hai

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Anil Kumar सितम्बर 11, 2018 - 9:29 पूर्वाह्न

बहुत अच्छी कविता है पढ़कर आनन्द आ गया

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