Home हिंदी कविता संग्रहरिश्तों पर कविताएँ पिता पर कविता :- पिता क्या है | पिता के महत्व पर एक सुंदर कविता

पिता पर कविता :- पिता क्या है | पिता के महत्व पर एक सुंदर कविता

by Sandeep Kumar Singh

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हमारे जीवन में हम हर चीज की एक परिभाषा पढ़ते हैं।  ये परिभाषाएं तथ्य पर आधारित होती हैं। लेकिन भारत ऐसा देश है जहाँ कुछ परिभाषाएं भावनाओं से बन जाती हैं। जैसे प्यार की परिभाषा, भावनाओं की परिभाषा आदि। ऐसी ही एक परिभाषा मैंने भी “ पिता क्या है ?” के रूप में पिता पर कविता लिखने की कोशिश की है। पिता जो हमारी जिंदगी में वो महान शख्स है जो हमारे सपनों को पूरा करने के लिए अपनी सपनो की धरती बंजर ही छोड़ देता है। आइये पढ़ते हैं उसी पिता के बारे में :-

पिता पर कविता – पिता क्या है?

पिता पर कविता :- पिता क्या है

पिता एक उम्मीद है, एक आस है
परिवार की हिम्मत और विश्वास है,
बाहर से सख्त अंदर से नर्म है
उसके दिल में दफन कई मर्म हैं।

पिता संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है
परेशानियों से लड़ने को दो धारी तलवार है,
बचपन में खुश करने वाला खिलौना है
नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है।

पिता जिम्मेवारियों से लदी गाड़ी का सारथी है
सबको बराबर का हक़ दिलाता यही एक महारथी है,
सपनों को पूरा करने में लगने वाली जान है
इसी से तो माँ और बच्चों की पहचान है।

पिता ज़मीर है पिता जागीर है
जिसके पास ये है वह सबसे अमीर है,
कहने को सब ऊपर वाला देता है ए संदीप
पर खुदा का ही एक रूप पिता का शरीर है।


पिता पर कविता का विडियो देखें :-

Kavita Pita Par | पिता पर कविता | पिता के महत्व पर एक सुंदर कविता | Poem On Father In Hindi

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84 comments

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kavita rawat June 19, 2022 - 11:00 AM

एक बेटा जब बाप बनता है तब उसे पिता क्या होता है इसका अच्छे से पता लगता है
बहुत अच्छी सामयिक प्रस्तति

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Sangeeta Swarup June 19, 2022 - 10:51 AM

बहुत सुंदर परिभाषा ।

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नीलम वन्दना June 18, 2022 - 10:00 PM

वाह 👌 बहुत सुंदर कविता,

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यशोदा अग्रवाल June 18, 2022 - 4:55 PM

आपकी लिखी रचना  ब्लॉग पांच लिंकों का आनन्द रविवार 19 जून 2022 को साझा की गयी है….<a href=पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा….धन्यवाद!

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विनोद भारद्वाज June 15, 2019 - 4:54 PM

पिता ही प्रेम का एक सटीक उद्धरण है

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh July 16, 2019 - 2:51 PM

धन्यवाद विनोद भरद्वाज जी…

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Ashok kumar May 9, 2022 - 11:46 AM

बहुत ही सुंदर 👌 🙏🙏

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S Sharma June 14, 2019 - 3:42 AM

You have shared beautiful poetry love it, love your ideas, keep it up you have done well, thanks.

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राहुल रावत March 31, 2019 - 1:37 PM

बहुत ही अच्छा और मर्म स्पर्शीय था, जो जीवन के संघर्षों के बारे में बहुत कुछ बताता है…

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh April 2, 2019 - 1:20 AM

धन्यवाद राहुल जी।

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Vivek pathak March 18, 2019 - 1:38 PM

संदीप जी ! आपने पिता के सन्दर्भ एक अच्छी रचना को जन्म दिया हैं ……आप हमारी बेवसाइट पर आकर एक बार नई रचना पिता के ऊपर पढ़कर अपने विचार हम तक पँहुचायें ।
हमारी बेवसाइट हैं Merajazbaa.com हमें उम्मीद हैं आपका सानिध्य हमेशा मिलता रहेंगा ।

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Jeetendra Verma May 20, 2018 - 11:05 PM

बहुत बढ़ियाा संदीप जी

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 21, 2018 - 8:37 PM

धन्यवाद जीतेंद्र वर्मा जी।

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Sandeep bhargava February 4, 2018 - 12:32 AM

Sir mere pita ji nhi he mene ye kbita jb padi jb mujhe unki bhut yaad aarhi thi atynt sundr or bhabuk he

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh February 9, 2018 - 9:06 PM

Sandeep bhargava जी ये बात बिलकुल सही है कि जब बात पिता की आती है तो दिल खुद-ब-खुद भावुक हो जाता है।

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sandeep kumar February 3, 2018 - 9:14 PM

nice Fathers lines I love you papa

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Satish November 22, 2017 - 2:11 AM

DiL sE ? true line's

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh November 22, 2017 - 8:39 PM

धन्यवाद सतीश जी।

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uttam Thakur October 25, 2017 - 7:00 AM

आज जब सर से पिता का साया उठा तब इस कविता का महत्त्व समझ में आया !

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh October 26, 2017 - 3:46 PM

Uttam ji अक्सर लोगों की अहमियत का उनके न होने पर ही पता चलता है। हमारी सहानुभूति आपके साथ है।

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Jitendra kumar September 20, 2017 - 1:52 PM

Bhut khub
Nice line yr
Dil khush ho gya

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 20, 2017 - 4:53 PM

धन्यवाद जितेन्द्र कुमार भाई।

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अरविन्द कुमार आर्य September 10, 2017 - 12:28 AM

समाज में परिवर्तन में आप जैसे कवियों की महत्वपूर्ण भूमिका सदियों से रही है ।
आज हमारा पुरुष समाज एकतरफा महिला कानून के बोझ से दबा महसूस कर रहा है ।
इस नारी शशक्तिकरण की होड़ में बुजुर्गो के खिलाफ अत्याचार बढ़ता जा रहा है । उनके सम्मान में कमी आई है । पुरुष हर तरफ कानून के मार से दंश झेल रहा है।
चाहे झूठे दहेज़ के मुक़दमे हो, घरेलु हिंसा,बलात्कार या छेड़छाड़ का मुकदमा, इसमें झूठे शिकायतों की तादात ज्यादा है ।
हमारा न्यायालय भी पंगु हो गया है। न्याय मिलने में सालो साल लग जाते हैं ।
कृपया कर इस विषय पर भी कविता लिखे।
बेटी और बहु की रट लगाते कही हम पुत्र और बेटे को दरकिनार न करदे उनके अधिकारो से वंचित न करें ।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 11, 2017 - 11:26 AM

जी अरविंद जी हम प्रयास करेंगे कि पुरुष वर्ग को समर्पित कोई कविता लिखें। इसी तरह हमारे साथ बने रहें। धन्यवाद।

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अरविन्द कुमार आर्य September 10, 2017 - 12:21 AM

संदीप जी आपकी कविता ने खासकर पिता पर लिखी गयी कविता । समाज में महिला उत्थान के जमाने में एक पिता की भूमिका को पुनः जागृत करने का काम किया है ।

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 11, 2017 - 11:25 AM

सराहना के लिए धन्यवाद अरविंद कुमार आर्य जी।

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Shankar tailor September 9, 2017 - 9:14 AM

पिता रोटी कपडा और मकान है
पिता नन्हें से परिंदे का बड़ा सा आसमान है
पिता है तो माँ की बिंदी और सुहाग है
पिता है तो सारे सपने अपने है
पिता है तो बाजार के सारे खिलौने अपने है………..

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 9, 2017 - 9:52 PM

बहुत खूब Shankar tailor जी।

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kundan kumar singh August 21, 2017 - 11:40 AM

Bahut achha laga

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh August 21, 2017 - 5:43 PM

धन्यवाद kundan kumar singh जी।

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श्याम June 22, 2017 - 12:58 PM

मैं आपसे वादा करता हु इस कविता का पाठ मेरे भजन संध्या के कार्यक्रम में जरूर करूँगा संदीप जी

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 23, 2017 - 6:52 PM

श्याम जी ये तो आपने बहुत बड़ी बात कह दी। मैं इतना काबिल कहाँ की मेरी रचना किसी संध्या भजन का हिस्सा बने। आपको यह रचना अच्छी लगी वही मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। आपका अति धन्यवाद।
इसी तरह हमारे साथ बने रहें।

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shivam Mishra June 18, 2017 - 2:02 PM

Pita Parmeshwar hai

पितृ देवो भव

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 18, 2017 - 2:06 PM

Right Mr. Shivam Mishra ji…..

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Rajeeva Mohan Sharma June 18, 2017 - 6:29 AM

Sandeepji aapki kavita aapka maa baap ke prati kitna prem hai batati hai, aisi kavita tabhi banti hai.

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 18, 2017 - 11:13 AM

धन्यवाद Rajeeva Mohan Sharma जी। ये माँ-बाप का प्यार ही है जो इस काबिल हुआ हूँ। एक बार फिर धन्यवाद।

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Rajeeva Mohan Sharma June 18, 2017 - 6:26 AM

Papa ji aap ko father's day par mery subhkamnayen. Varenya Bhatt, (Fareedabad)

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Rajeeva Mohan Sharma June 18, 2017 - 6:22 AM

Pita hai to bhagwan hai, pita nahi to bekar saara jahan hai, pita hamari aas hai, pita hai to humari San jarroraten khaas hai, Pita humare liye chnah hai,pita hai to aasan humari raah hai. mere pita aap jaha bhi ho sada swasth aur khush rahna, Him baccho par aasheervaad banaye rakhna. Galtiya Jo hui hohumsabko chama karna.Charno me pranam.

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 18, 2017 - 11:12 AM

Bahut achha likha hai aapne Rajeeva Mohan Sharma ji….

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दिनेश सिदार June 6, 2017 - 1:05 AM

माॅ एवम बाबूजी को सादर चरण वंदन

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दिनेश सिदार June 6, 2017 - 1:03 AM

पिता जी पर समर्पित बहुत ही सुन्दर पंक्तियां संजोए सर आपने
सर्वप्रथम आपको बहुत बहुत धन्यवाद
एवम काश कि ऐसा होता कि हर इंसान के मन मे पिता एवं माता के प्रति अपना फर्ज समझते हुए उनके प्रति इतनी आदर होती कि वृद्धा आश्रम की आवश्यकता ना होती

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh June 6, 2017 - 6:05 AM

धन्यवाद दिनेश सिदार जी….. बिल्कुल सही बात कही आपने। लेकिन आज कल दोष माँ बाप का भी है जो अपने बच्चों को पर्याप्त समय नहीं देते और उनके बीच दूरियां बढ़ जाती हैं।

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surendra singh May 30, 2017 - 3:55 PM

grate

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 30, 2017 - 4:16 PM

Thanks Surendra Singh ji….

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सुप्रिया May 27, 2017 - 3:09 PM

I love my Father

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सुप्रिया May 27, 2017 - 3:06 PM

पिता है तो हम है nice thought bhai

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 27, 2017 - 4:35 PM

Thanks Sis…

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sonika jain May 24, 2017 - 4:47 PM

a very heart touching and commendable poem

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 24, 2017 - 4:49 PM

Thanks Sonika jain…..

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Shubham May 23, 2017 - 5:59 PM

This poem is best.
I love u papa

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 24, 2017 - 8:51 PM

Thanks Shubham bro….

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Laxman chouhan May 14, 2017 - 7:41 PM

लाजवाब

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 16, 2017 - 8:24 PM

धन्यवाद Laxman chouhan जी…

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ashish May 10, 2017 - 11:53 PM

Very nice keep it up

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 11, 2017 - 7:10 PM

Thanks Ashish…

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Raja patel May 10, 2017 - 11:29 PM

Hum bahut khus nasibe hai ki humara pass papa ji hai

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 11, 2017 - 7:10 PM

Raja जी जिसके सिर पर पिता का साया है, वो हर शख्स खुशनसीब है…

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puneetchaubey May 3, 2017 - 7:56 AM

aap ko thanks kehna chahta hu aapne muje mere papa ki yaad dila di….

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लखन साहू April 8, 2017 - 7:51 PM

बहुत सुन्दर !

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh April 8, 2017 - 7:56 PM

धन्यवाद लखन साहू जी……

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Sameer April 16, 2017 - 2:18 AM

Sir main apne dady s bhut pyar karta hu i love my dady

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh April 16, 2017 - 2:05 PM

Everyone does the same Sameer Bro…..Thanks to share your thought…..

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Shista March 24, 2017 - 3:16 PM

Not so good you can write better

Reply
Chandan Bais
Chandan Bais March 24, 2017 - 9:02 PM

Thank you Shista, Please send us your suggestions. We will definitely do better

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ikbal March 23, 2017 - 12:25 AM

Very nice brother kya kavita likhi hain

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh March 23, 2017 - 6:27 AM

Thanks ikbal bhai…..

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drverma March 18, 2017 - 4:23 PM

पिता का महत्व बहुत ही अच्छा है मुझे भी इसका एहसास
16 साल बाद हुआ जब मुझे दो जुड़वां लडकियां हुई आज मेरे एक संतुष्ट और खुश पिता हुं

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh March 19, 2017 - 8:18 AM

सबसे पहले आपको बहुत-बहुत बधाई हो। पिता तो भगवान की एक ऐसी देन है जो हमारे जीवन में साथ रहकर हमे सद्मार्ग पर चलने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। आशा है आपको भी अपने पिता की महानता की अनुभूति हो गयी होगी। एक बार फिर से आपको बधाई व ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद।

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Udham Singh Choudhary March 15, 2017 - 9:49 PM

लाजबाव

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh March 15, 2017 - 10:24 PM

धन्यवाद Udham Singh Choudhary जी…..

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bittu kumar February 24, 2017 - 2:12 PM

i like it bro

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh February 24, 2017 - 2:17 PM

Thank you very much bittu kumar bro…..

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Jayanti Dewangan February 13, 2017 - 7:58 PM

Thanks for these Dedicating song

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh February 13, 2017 - 8:06 PM

Thank you very much jayanti Dewangan ji……..

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Anand Pal singh February 4, 2017 - 2:21 PM

Very nice line for all children

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh February 4, 2017 - 4:57 PM

Thanks for complement Anand Pal Singh ji…….

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जमशेद आज़मी December 18, 2016 - 11:28 PM

पिता को समर्पित बहुत ही सुंदर और संजीदा किस्‍म की रचना प्रस्‍तुत की है आपने। इसके लिए आपका धन्‍यवाद।

Reply
Mr. Genius
Mr. Genius December 18, 2016 - 11:51 PM

प्रशंसा के लिए आपका बहुत आभार जमशेद आज़मी जी। इसी तरह हमारे साथ बने रहिये। धन्यवाद।

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Kuldeep November 30, 2016 - 8:40 AM

My father is great????????

Reply
Mr. Genius
Mr. Genius November 30, 2016 - 3:35 PM

Every Father is Great Bro…..
Thanks to visit here…..

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RAM NARAYAN KASHYAP HARDOI UP November 8, 2016 - 4:27 PM

I Love My Father

Reply
Mr. Genius
Mr. Genius November 8, 2016 - 5:18 PM

Same here Ram Narayan Kashyap Ji…thanks for comment …

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रूद्र October 25, 2016 - 6:46 PM

अतिसुन्दर

Reply
Mr. Genius
Mr. Genius October 25, 2016 - 7:07 PM

धन्यवाद रूद्र जी……

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