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पैसे पर कविता – पैसे की अजब कहानी | Hindi Poetry On Paisa

by Sandeep Kumar Singh

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आज की वास्तविकता और पैसे की माया को बताती ये पैसे पर कविता पढ़िए- पैसे की अजब कहानी।

पैसे पर कविता – पैसे की अजब कहानी

पैसे पर कविता - पैसे की अजब कहानी | Hindi Poetry On Paisa

है लोभ बढ़ गया दुनिया में,
मैं जो बात करूं नादानी है।
पागल कर दे इंसान को जो,
पैसे की अजब कहानी है।

जहां रुतबा पहले ज्ञान का था,
प्रश्न आत्म सम्मान का था।
इज्जत इंसान की होती थी,
राज धर्म ईमान का था।
आज की पीढ़ी इन सब से,
एकदम ही अनजानी है।
पागल कर दे इंसान को जो,
पैसे की अजब कहानी है।

पैसा है तो सब कुछ है,
ये बात सिखाई जाती है।
दूर करे इंसान से जो,
वो किताब पढ़ाई जाती है।
है रिश्तेदारी पैसे की,
प्यार कहां रूहानी है।
पागल कर दे इंसान को जो,
पैसे की अजब कहानी है।

गरीब को मिलता न्याय कहां,
कानून तो अभी अंधा है।
पैसों से मिलता न्याय यहां,
जुर्म बन गया धंधा है।
अन्याय देख खामोश है सब,
खून बन गया पानी है।
पागल कर दे इंसान को जो,
पैसे की अजब कहानी है।

घर बड़े और दिल अब छोटे हैं,
इंसान नीयत के खोटे हैं।
भ्रष्ट हो रहे हैं अब सब,
नौकरियों के कोटे हैं।
हो कैसे उन्नति देश की,
सबके मन में बेइमानी है।
पागल कर दे इंसान को जो
पैसे की अजब कहानी है।

इस कविता का विडियो यहाँ देखिये :-

पैसे पर कविता ( पैसे की अजब कहानी है ) | Poem On Money In Hindi | Paise Par Kavita

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20 comments

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Pratistha dwivedi August 22, 2021 - 2:07 PM

बेहत शानदार कविता,
इस कविता को मैं अपनी आवाज दे कर वीडियो के माध्यम से वायरल करना चाहती हूं।।
आशा करती हूं कोई आपत्ति नही होगी।
धन्यवाद

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh August 27, 2021 - 12:43 AM

हम भी आशा करेंगे कि आप [email protected] पर मेल करके हमसे परमिशन लेना पसंद करेंगी। धन्यवाद।

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Aaj ki motivation June 24, 2020 - 9:13 AM

Sr me bhi blogger banna chaahtaa hu kyu ki me bhi blogger banna chaahtaa hu kyu ki me kud ki shaayri banaataa hu meraa ek YouTube channel hai kyaa aap meri madat help kar sakte hai mere paas koi pc nahi hai me anaath hu but me logo Ko motivate kartaa hu

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Chandan Bais
Chandan Bais June 25, 2020 - 1:24 PM

Hello, aisa nhi hai ki bina PC ke blogging nhi kar skte, jarur kar skte hai, lekin ek serious aur professional blogger banne ke liye PC hona bahut jaruri hai. kyonki alag-alag tools aur online services use krne hote hai, jo PC me hi sahi tarike se possible hota hai.
agar koi aur help chahiye to hame [email protected] pe mail kar skte hai.
Thanks

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Ashu menariya January 19, 2020 - 10:56 PM

Very Nice poem

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Amit Kumar November 1, 2019 - 11:47 PM

This poem reveals real image of world.
Marvellous poem.

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Komal sharma September 18, 2019 - 10:02 PM

Very nicely written …. May I know your name please bcz I really want to share this poem in a kavya paath competition in the Hindi pakhwada… As I want to tell the name of poet along with his poem…

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 19, 2019 - 2:47 PM

संदीप कुमार सिंह…..

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dhananjay December 13, 2018 - 5:28 PM

sir bahut achhi kavita hai

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh December 17, 2018 - 9:16 PM

धन्यवाद धनंजय जी।

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Nikhil December 14, 2017 - 12:40 AM

Awesome

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh December 14, 2017 - 6:43 PM

Thanks Nikhil

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Salman saifi September 23, 2017 - 1:57 AM

Gzb schai h duniya ki

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 24, 2017 - 9:52 AM

बिल्कुल सही बात Salman Saifi जी।

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Amol GiRI September 6, 2017 - 9:56 PM

thank's

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 7, 2017 - 5:01 AM

Thanks to you also Amol Giri

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om March 20, 2017 - 6:39 AM

बहुत खूब

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh March 20, 2017 - 7:41 AM

धन्यवाद Om जी…..

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Rameshwar Singh November 12, 2016 - 5:43 AM

Yah poem vahut achchhi hai.
I like this poem very much

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Mr. Genius
Mr. Genius November 12, 2016 - 10:10 AM

Dhanyawad Rameshwar Singh ji…….

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