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हिंदी कविता : थक चुका हूँ मैं | Hindi Poem – Thak Chuka Hu Mai Lyrics

by Sandeep Kumar Singh

दोस्तों हम सब के दिल में कई बार अपने जीवन के हालातों को देखकर बहुत दुःख होता है। जब कई प्रयासों के बाद भी हमें सफलता न मिले। उस समय लगता है कि हमारा जीवन व्यर्थ सा है। ऐसी ही कुछ पीड़ा मैंने इस कविता द्वारा पेश करने की कोशिश की है हिंदी कविता : थक चुका हूँ मैं में।


हिंदी कविता : थक चुका हूँ मैं

हिंदी कविता : थक चुका हूँ मैं

जीवन की इस भाग दौड़ से,
हर आने वाले नए मोड़ से,
थक चुका हूँ मैं।

हर पल एक नई जंग की
तैयारी होती है।

रोज उठता हूँ तो
कई ग़मों से यारी होती है।

कलम उठा कर
लिखने लगता हूँ मैं जज़्बात अपने,

पढ़ लेता है कोई तो
बहुत दुश्वारी होती है।

संघर्षों की आग में अब
पक चुका हूँ मैं।
जीवन की इस भाग दौड़ से,
हर आने वाले नए मोड़ से,
थक चुका हूँ मैं।

बहुत मुश्किल से दो पल
फुर्सत का इंतजाम होता है।

करने वाला कोई और है
और किसी और का नाम होता है।

तबाह होते हैं जब शहर तो
शहज़ादे महफूज होते हैं,

कोई बर्बाद होता है तो
वो लोग आम होते हैं।

भेदभाव की इस दुनिया में
अटक चुका हूँ मैं।
जीवन की इस भाग दौड़ से,
हर आने वाले नए मोड़ से,
थक चुका हूँ मैं।

कुछ छोड़ देते हैं खाना
डाइटिंग के नाम पर,

कुछ लोगों को न
एक वक्त खाना नसीब होता है।

तपती गर्मी में कई
ऐसी के नीचे सोते हैं,

हादसे सोते लोगों के साथ तो
बस फुटपाथ पर होते हैं।

कानून भी हस्ती का होता है अब ये सीख
सबक चुका हूँ मैं।
जीवन की इस भाग दौड़ से,
हर आने वाले नए मोड़ से,
थक चुका हूँ मैं।

न जाने कब कोई सुधार आएगा।
वतन को सुधारने कब
कोई अवतार आएगा।

बचपन से जो देखी है
मैंने हालत हिंदुस्तान की,

न जाने कितनी बार
सिसक चुका हूँ मैं।

जीवन की इस भाग दौड़ से,
हर आने वाले नए मोड़ से,
थक चुका हूँ मैं।
थक चुका हूँ मैं।

सूरज निकल गया | संघर्षमय जीवन पर प्रेरणादायक हिंदी कविता

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धन्यवाद।

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11 comments

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सुनील जैन"मुरारिया"नेताजी पूर्व जिला पंचायत सदस्य तहसील लटेरी जिला विदिशा(म.प) February 3, 2019 - 6:00 AM

में अभिभूत हूँ,आपकी शानदार और जानदार कवितायें पढ़कर,आपका कविताओं के माध्यम से देश के लिए अविस्मरणीय योगदान है,आपका व्यक्तिव्य ही साहित्यहैं!,,,,सच में बहुत ही प्रेरणास्पद और दिल को छूने वाली कवितायें हैं।में आपके इस प्रयास के लिए साधुवाद देता हूँ….???

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Krishan Jangid September 25, 2018 - 3:29 PM

Very nice stories dil ko chhu gayi

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh September 25, 2018 - 10:32 PM

धन्यवाद Krishan जी…….

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Amod August 10, 2018 - 9:52 AM

Superb sir superb
Fan of you

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh August 10, 2018 - 3:31 PM

धन्यवाद आमोद जी।

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Zeeshan April 26, 2018 - 12:16 AM

Bahut achha laga kavita padh kar.
Kya ye kavitayen aapki hai?

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh April 26, 2018 - 7:13 AM

जी हाँ, ज़ीशान जी ये मेरी ही लिखी कविताएं हैं। धन्यवाद।

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Ajay Ingle January 22, 2018 - 9:48 AM

Bahut khub likha hai janab aapki shayri wake dam hai……Very nice

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh January 23, 2018 - 9:48 PM

Thanks Ajay Ingle ji..

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Lalit Banjara August 13, 2016 - 4:12 PM

Awesome really superb and inspiring…if you don't mind than i give you a beautiful suggestion actually aap apni post ki url me hindi words ka use kar rahe hai…agar aap meri baat manange to isme english words ka use kare jald hi aapka blog top par aane lagega

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Mr. Genius
Mr. Genius August 13, 2016 - 8:25 PM

Thanks Lalit Banjara ji for your suggestion we will try to do it in future…and thanks for your precious comment amd advice…..

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