Home हिंदी कविता संग्रह आँखों पर कविता – मानव के मुख पर दो नैन | Hindi Poem On Eyes

आँखों पर कविता – मानव के मुख पर दो नैन | Hindi Poem On Eyes

by Sandeep Kumar Singh

सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है

आँखों पर कविता – आँखें हमारे जीवन का आधार होती हैं। इन्हीं से हम संसार को देखते हैं, समझते हैं और जीवन कैसे जीना है यह सीखते हैं। इंसान के दिल का हाल कहने तक की ताकत रखती हैं ये आँखें। आइए पढ़ते हैं इन्हीं आँखों को समर्पित यह कविता ( Hindi Poem On Eyes ) ” मानव के मुख पर दो नैन ” :-

आँखों पर कविता

आंखों पर कविता

कुदरत की अद्भुत है देन
मानव के मुख पर दो नैन,
इनके बिना अंधियारा सा
जैसे हर क्षण रहती रैन।

सकल जगत को सकते देख
इन नैनों के नाम अनेक,
मानव की हैं अलग-अलग
पर इनकी भाषा है एक।

झुक जाते हैं शर्माने पर
उठ जाते आदर पाने पर,
क्रोध जो आए होते लाल
स्वप्न दिखाते सो जाने पर।

सुख-दुख में भर जाते हैं
भाव ये सभी दिखाते हैं,
मानव भले छिपाए किन्तु
नैन सत्य कह जाते हैं।

मुहावरों में दे रहे ज्ञान
इनकी महिमा बड़ी महान
संकेतों में करते बात
समझ न पाएं जिसको कान।

आंखे हैं तो सुंदर संसार है
बिन आँखों के सब बेकार है,
दुनिया को देख जीना सिखाती
हमारे जीवन का यही आधार है।

पढ़िए अप्रतिम ब्लॉग की ये बेहतरीन रचनाएं :-

( Hindi Poem On Eyes ) ” आँखों पर कविता ” आपको कैसे लगे? अपना पसंदीदा दोहा और विचार कमेन्ट बॉक्स में जरूर लिखें।

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें :-

apratimkavya logo

धन्यवाद।

आपके लिए खास:

1 comment

Avatar
Shrawan Kumar baraik जनवरी 14, 2022 - 2:55 पूर्वाह्न

Very nice!

Reply

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More