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जिंदगी और मौत शायरी :- इंसान के जीवन के दो पहलुओं को बयान करती शायरियां

by Sandeep Kumar Singh

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जिंदगी और मौत के साथ और बहुत सी बातें होती हैं जो हमारे दिल के आस-पास रहती हैं। वो बातें जो दिल को छू कर निकल जाती हैं। लेकिन जिंदगी और मौत इन्सान के जीवन के दो ऐसे पहलू हैं। जिनका सामना उसे हर हाल में करना ही पड़ता है। तो आइये पढ़ते हैं इसी सन्दर्भ में जिंदगी और मौत शायरी :-

जिंदगी और मौत शायरी

जिंदगी और मौत शायरी

1.

उसे मौत ने नहीं उसकी सोच ने ही मारा है,
जो इंसान अपनी जिंदगी से हारा है।

2.

चंद पलों के लिए मयस्सर है जिंदगी
मिलेगी मौत तो हाथ सबके खाली होंगे।

3.

खामोश लगते हो मुझे, जिंदा हो या मर गए हो?
जंग छोड़ दी है जिंदगी से तुमने, घायल हो या डर गए हो?

4.

सन्नाटा इस कदर पसरा है जज़्बातों की मौत का
अब तो तन्हाई भी मुझे सुनाई पड़ती है।

5.

उस पल ही मौत से मुलाकात होगी
जिस पल जिंदगी की आखिरी रात होगी,
तेरे अपने ही जलाकर जायंगे तुझे
तेरी अहमियत तब बस खाक होगी।

6.

मौत ने तो दी है चैन की नींद हमें,
जिंदगी ने तो ताउम्र
बस ख्वाबों के लिए जगाया है।

7.

गुलाम है हम जिंदगी के बस कुछ उम्र के लिए
मिलेगी मौत तब हम सब आज़ाद होंगे।

8.

आसान नहीं है जीना कि बहुत चोट खानी पड़ती है,
जिंदगी ख़त्म होते ही मौत गले लगानी पड़ती है।

9.

कुछ खास फर्क नहीं पड़ता
जीने का अंदाज बदल लेने से,
बस फासले मौत तक जिंदगी के
कुछ मजेदार से हो जाते हैं।

10.

कुछ खास फर्क नहीं पड़ता
जीने के अंदाज बदल लेने से,
बस फासले मौत तक जिंदगी के
कुछ मजेदार से हो जाते हैं।

11.

तेरी यादों का दौर आज भी
मुसलसल जारी है,
जिंदगी बीत रही है
बस मौत की तैयारी है।

12.

मौत ही जिंदगी से तब बेहतर लगती है,
दिल में किसी की यादों की
जब चिंगारी सुलगती है।

13.

जिन्दा रहते हैं तो खुशनुमा ये जहान रहता है,
मौत के बाद तो किस्मत में बस श्मशान रहता है।

14.

उम्र गुजरी है तो कई मुकाम भी गुजरे हैं
कुछ बन गए हैं यहाँ और कुछ बिगड़े हैं,
सफ़र मौत तक ही रहा है सबकी जिंदगी का
उसके बाद तो कई शख्स यहाँ से उजड़े हैं।

15.

जिंदगी के बाद सबको बस मौत ने अपनाया है,
फिर भी बेवजह सारी जिंदगी हर पल हमें डराया है।

16.

जिंदगी का बस एक ही दस्तूर होता है
जब तक रहती है इसे खुद पर गुरूर होता है,
बीत जाती है उम्र जब बुढ़ापे तलक
मौत के साथ ही हर सपना चूर होता है।

पढ़िए :- जिंदगी पर प्रेरणादायक शायरी

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धन्यवाद।

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9 comments

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नीटू सिहं मार्च 10, 2022 - 2:50 अपराह्न

सूरज की तप्ती धूप में मैने खुद को इस कदर तराशा है,
चाहे लाख कठनाईयां आ जाए, मैने उससे निकलने का हुनर भी सीख डाला है !!

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नीटू सिहं मार्च 10, 2022 - 2:48 अपराह्न

पढ़ने चले तो उसे जिसने पूरी उम्र खुद को लिखने में लगा दी…..!!

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नीटू सिहं मार्च 10, 2022 - 2:47 अपराह्न

कुछ लिखा भी यूं है कि हर पन्ने में नई कहानी छप गई,
अरे क्या करते जनाब हर दिन जीवन में गई कहानी जो घट गई !!

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Santosh kumar अगस्त 11, 2021 - 9:21 अपराह्न

Best friend

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Shiva garg अप्रैल 15, 2020 - 9:19 अपराह्न

You have written a wonderful thing about life

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Fauzankaifi अप्रैल 3, 2019 - 8:27 पूर्वाह्न

Zindagi se Judi bahot pyari batain hen

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अप्रैल 7, 2019 - 9:07 अपराह्न

धन्यवाद Fauzankaifi जी…..

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niraj मई 9, 2018 - 11:16 पूर्वाह्न

bahut shandar……jeevan ki sachchai hai isme………
????????????????????????????

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 9, 2018 - 8:55 अपराह्न

धन्यवाद नीरज जी।

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