योग दिवस पर स्लोगन – 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस नारे | Yog Diwas Par Slogan

योग का हमारे जीवनमे बहुत अहम स्थान है। जो भी व्यक्ति नित्य प्रतिदिन योग करता है उसे जल्दी कभी कोई रोग नहीं पकड़ता। आज यह भारत ही नहीं बल्कि विश्व भर में अपनी पहचान बना चुका है। आज प्रयास किया जा रहा है कि योग उन लोगों तक भी पहुंचे जो इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते। उसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए हमने भी लिखें हैं 21 जून को मनाये जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को समर्पित “ योग दिवस पर स्लोगन ”

योग दिवस पर स्लोगन

योग दिवस पर स्लोगन

1.
योग करें हम योग करें,
दूर सभी हम रोग करें।

2.
योग हमें अपनाना है,
स्वस्थ समाज बनाना है।

3.
नित्य करे जो मानव योग,
रहे जीवन में सदा निरोग।

4.
उत्तम जीवन का भोग करो,
प्रातः उठकर योग करो।

5.
नित्य करे जो योग के आसन,
स्वस्थ रहे उसका तन और मन।

6.
यदि योग अपनाएँगे,
हम सबको स्वस्थ बनाएँगे।

7.
जीवन है यह भ्रम का खेल,
योग कराए ईश्वर मेल।

8.
जन-जन तक फैले संदेश,
योग है करता दूर कलेश।

9.
सारी दुनिया भोगी है,
जो योग करे वही योगी है।

10.
जीवन सफल हो जाएगा,
जो भी योग अपनाएगा।

11.
फूकें जीवन में यह प्राण,
योग करे सब का कल्याण।

12.
हमको देती शाक्ति है,
योग ही सच्ची भक्ति है।

13.
करे जो आसन लगाए ध्यान,
सुखी रहेगा वह इंसान।

14.
बिमारियों से सबको बचाओ,
सारे ही जन योग अपनाओ।

15.
सेहतमंद बने परिवार,
योग से सपना हो साकार।

16.
दवाओं से जो पानी मुक्ति,
योग ही सबसे अच्छी युक्ति।

17.
जीवन गीत मधुर होगा,
यदि संग योग का सुर होगा।

18.
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है,
योग ही जिसका साधन है।

19.
स्वास्थ्य लाभ पहुंचाए योग,
तन-मन रहता सदा निरोग।

20.
जिसने डाली योग की आदत,
स्वास्थ्य नहीं होता है आहत।

इन स्लोगन्स का विडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें :-

Yog Diwas Par Slogan | योग दिवस पर स्लोगन | Yoga Slogan In Hindi | अंतरराष्ट्रीय योग दिवस नारे

पढ़िए :- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर निबंध 

“ योग दिवस पर स्लोगन ” आपको कैसे लगे? अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स के जरिये जरूर पहुंचाएं।

पढ़िए अप्रतिम ब्लॉग की ये बेहतरीन रचनाएं :-

धन्यवाद।

Add Comment

Safalta, Kamyabi par Badhai Sandesh Card Sanskrit Bhasha ka Mahatva in Hindi Surya Ke Bare Mein Jankari | Surya Ka Tapman Vyas Prithvi Se Doori 25 Famous Deshbhakti Naare and Slogan आधुनिक महापुरुषों के गुरु कौन थे?