Home रोचक जानकारियां 5 Mahasagar Ke Naam In Hindi | विश्व के महासागर के नाम हिंदी में

5 Mahasagar Ke Naam In Hindi | विश्व के महासागर के नाम हिंदी में

by Sandeep Kumar Singh

सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है

विषय सूची: hide
विश्व के पाँच महासागर 5 Mahasagar Ke Naam

विश्व के महासागर के बारे में आप कितना जानते हैं? हो सकता है आप बहुत कुछ जानते हो या हो सकता है की कुछ भी ना जानते हो। दोनों ही बातो में ये लेख विश्व के 5 महासागर के बारे में ( 5 Mahasagar Ke Naam  ) आपको जरुर पढ़ना चाहिए।

विश्व महासागरों के बारे में जानकारी अक्सर अधिकतर लोगों को नहीं होती और लोग इनके बारे में कुछ भी जानने या पढ़ने में रूचि भी नही लेते। लेकिन अगर कभी आपके बच्चे या आपके घर में पढ़ने वाला कोई भी कभी विश्व के 5 महासागर के बारे में ( 5 Mahasagar Ke Naam  ) के बारे में कुछ पूछ ले तो?

अगर किसी सामान्य ज्ञान, या किसी नामी प्रवेश और प्रतियोगिता परीक्षाओ में इसके बारे को कोई सवाल पूछा गया हो तो? ऐसे ही कई मौके आते है जब इन सामान्य सवालो के जवाब के लिए हम माथा पच्ची करते रहते है लेकिन जवाब नहीं मिलता।

इन्हीं कारणों से हम यहा अप्रतिम ब्लॉग में ऐसे कुछ सामान्य और कुछ विशेष सारे प्रकार की जानकारियाँ हमारे पाठकों तक पहुंचाते रहते है, जिससे उनका सामान्य ज्ञान भी बढ़े और जरुरत के समय ये जानकारियाँ उनके काम भी आये।

आज हमने विश्व के 5 महासागर के बारे में ( 5 Mahasagar Ke Naam  ) जितना संभव हमसे हो सका उतनी जानकारी (समुद्र के बारे में रोचक तथ्य यहा पढ़े) आपके सामने लाये है।


विश्व के महासागर

5 महासागर के नाम ( 5 Mahasagar Ke Naam  )

➽महासागर या समुद्र किसे कहते है?
Ocean Meaning In Hindi

धरती का 70% भाग जल से घिरा हुआ है। इसमें खारा पानी है, बर्फ की चट्टानें हैं और जलीय जीवन है। पृथ्वी के यही जल से भरे विशाल भाग, जिसमे पृथ्वी के स्थल भाग तैरते प्रतीत होते है, महासागर या समुद्र कहलाते है। महासागर की कोई सीमा नहीं होती। इसकी सीमा वही है जहाँ तक ये फैला है। ये एक विशाल क्षेत्र को घेरे हुए हैं। सात महाद्वीपों को यही आपस में जोड़ते हैं और इन्हीं महासागरों के रास्तों के जरिये पुरातन समय से व्यापर किया जा रहा है। विश्व में पांच महासागर है, जिनका विस्तार से वर्णन हम आगे जानेंगे।

➽कितने बड़े है महासागर?

पृथ्वी के क्षेत्रफल का 29% हिस्सा भू-भाग है और 71% जोकि 36.1 करोड़ की.मी. है, भाग जल से घिरा हुआ है। जलमंडल का प्रमुख भाग महासागर है। महासागर खारे पानी का एक विशाल क्षेत्र है। यह लगभग 36.1 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। महासागर के धरती पर बहुत विशालता से फैले होने के कारण इसे जल ग्रह भी कहा जाता है।

➽महासागर की अधिकतम गहराई कितनी है?

महासागर की औसतन गहराई 3700 मीटर तक गहरा है। 2010 में यूनाइटेड स्टेट्स सेंटर फॉर कोस्टल एंड ओसियन मैपिंग ( United States Center for Coastal & Ocean Mapping ) के नाप के अनुसार महासागर की सबसे ज्यादा गहराई 10,994 मीटर है। यह इतना गहरा है कि यदि माउंट एवेरेस्ट, जोकि धरती पर सबसे ऊंचा पहाड़ है, को अगर इस जगह में डाल दिया जाए तो इसकी चोटी से ऊपर 1 मील तक पानी रहेगा।

➽कितना पानी है महासागरो में?

यू एस जियोलाजिकल सर्वे ( U.S. Geological Survey ) के अनुसार महासागरों में 1,386,000,000 क्यूबिक किलोमीटर (km3) पानी है। अगर धरती की सतह को समतल कर उस पर महासागरों का पानी रख कर गहराई नापी जाए तो यह 2.25 की.मी. मोटी परत बन जायेगी। यह इतना पानी है जिससे 1 गैलन के आकार के 352,627,000,000,000,000,000 कंटेनर भरे जा सकते हैं।

➽समुद्र के अन्दर जीवन

महासागरों में कई प्रकार की प्रजातियाँ पायी जाती हैं। लगभग 20 लाख से ऊपर प्रजातियाँ महासागर में मौजूद हैं जिनमें से 230,000 प्रजातियों को पहचान लिया गया है। बाकी प्रजातियों के बारे में खोजबीन चल रही है।

विश्व के पाँच महासागर
5 Mahasagar Ke Naam

Mahasagar Kitne Hai

पृथ्वी पर पांच प्रकार के महासागर हैं।

1. प्रशांत महासागर ( Pacific Ocean )
2. अंध महासागर ( Atlantic Ocean )
3. हिन्द महासागर ( Indian Ocean )
4. दक्षिण ध्रुवीय महासागर ( Antarctic Ocean )
5. उत्तर ध्रुवीय महासागर ( Arctic Ocean )


1. प्रशांत महासागर ( Pacific Ocean In Hindi )

प्रशांत महासागर सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर है। यहाँ पर भू-भाग कम है और जलीय क्षेत्र ज्यादा है।

➥प्रशांत महासगर क्यों कहा जाता है?

हर नाम के पीछे कोई-कोई राज या अर्थ जरूर होता है इसी तरह प्रशांत महासागर के नाम के साथ भी एक कहानी जुड़ी हुयी है। प्रशांत महासागर का नाम प्रशांत इसलिए पड़ा कि यह महासागर अटलांटिक महासागर की तुलना में काफी शांत दिखने वाला (प्रशांत-शांत रहने वाला) है। इसका यह नाम पुर्तगाली अन्वेषक मैगलन ने रखा था। मैगलन एक ऐसा साहसिक अन्वेषक था जिसने पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले पहले अभियान दल का नेतृत्व किया था। मैगलन जब तूफानी अटलांटिक महासागर को पार कर प्रशांत महासागर में आया तो इस महासागर का जल उसे अटलांटिक की तुलना में काफी शांत दिखा, अतः इसका नाम प्रशांत महासागर पड़ा।

➥प्रशांत महासागर का क्षेत्रफल और आकार

धरती के 30% भाग पर अधिकार जताए प्रशांत महासागर की आकृति त्रिभुजाकार है। इसका क्षेत्रफल 16,18,00,000 वर्ग की.मी., अर्थात अटलांटिक महासागर के दुगुने से थोड़ा कम है। यह फिलिपींस तट से लेकर पनामा 9,455 मील चौड़ा तथा बेरिंग जलडमरूमध्य से लेकर दक्षिण अंटार्कटिका तक 10,492 मील लंबा है। यह समस्त भूभाग से ला मील अधिक क्षेत्र में फैला है। इसका उत्तरी किनारा केवल 36 मील का बेरिंग जलडमरूमध्य द्वारा आर्कटिक सागर से जुडा है।

➥प्रशांत महासागर की गहराई और उसमें पानी

प्रशांत महासागर की औसत गहराई लगभग 4000 मीटर है तथा अधिकतम गहराई लगभग 11000 मीटर है। सभी महासागरों का 50.1% जल समाहित किये इस महासागर में अंध महासागर से दोगुना पानी है। जिसकी मात्रा 70,75,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।

2. अंध महासागर ( Atlantic Ocean In Hindi )

यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महासागर है।

➥अटलांटिक या अंध महासागर का नामकरण

इस महासागर का नाम ग्रीक संस्कृति के शब्द से पड़ा जिसका अर्थ ‘ नक़्शे का समुद्र’ समुद्र था। एक और मान्यता के अनुसार इसका अंग्रेजी नाम ‘ अटलांटिक ‘ यूनानी देवता ‘एटलस’ के नाम पर रखा गया है।

➥अंध महासागर का आकार और क्षेत्रफल

इसका महासागर का क्षेत्रफल 10,64,00,000 वर्ग की.मी. है। इसका आकार 8 की आकृति में है। यह यूरोप तथा अफ्रीका महाद्वीपों को दुनिया के बाकी महाद्वीपों से अलग करता है। विशालतम सागर न होते हुए भी इसके अधीन विश्व का सबसे बड़ा जलप्रवाह क्षेत्र है। यह महासागर यूरोप तथा अफ्रीका महाद्वीपों को नई दुनिया के महाद्वीपों से अलग करती है।

➥अंध महासागर की गहराई और उसमें पानी

अंध महासागर की औसत गहराई अगर इसके साथ लगने वाले समुद्रों को लेकर देखा जाए तो 3,339 मीटर है और यदि इन समुद्रों को अलग कर देखा जाए तो यह गहराई औसतन 3,926 मीटर है। अगर बात की जाए सबसे ज्यादा गहराई की तो इस महासागर की सबसे ज्यादा गहराई 8,605 मीटर है। अंध महासागर में 32,30,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।


3. हिन्द महासागर ( Indian Ocean In Hindi )

हिन्द महासागर को युवा महासागर भी कहा जाता है। क्योंकि इसका जन्म 73.6 करोड़ वर्च पहले ही हुआ है। यह विश्व का तीसरा सबसे बड़ा महासागर है।

➥हिन्द महासागर और इसका नाम

विश्व में यह एकमात्र महासागर है इसका नाम किसी देश के नाम पर रखा गया है। वह देश है हिंदुस्तान। संस्कृत की पुस्तकों में इसे ‘रत्नाकर’ कहकर बुलाया गया है। जिसका अर्थ है रत्न उत्पन्न करने वाला। हिन्दू ग्रंथों में इसे हिन्दू महासागर का नाम दिया गया है।

➥हिन्द महासागर का क्षेत्रफल और गहराई

धरती के कुल क्षेत्रफल का 7% हिस्सा हिन्द महासागर ने घेर रखा है। इसके अनुसार इसका क्षेत्रफल 7,35,56,000 वर्ग किलोमीटर है। इस महासागर की औसत गहराई 3,890 मीटर है। सबसे अधिकतम गहराई की बात करें तो वो है 8,047 मीटर है।

➥हिन्द महासागर में पानी

हिन्द महासागर में लगभग 31,20,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।



4. दक्षिण ध्रुवीय महासागर ( Antarctic Ocean In Hindi )

यह महासागर चौथा सबसे बड़ा महासागर है। संसार के ताजे पानी का 70% हिस्सा इस महासागर में बर्फ के रूप में जमा हुआ है। और यह बर्फ दुनिया की सारी बर्फ का 90% है।

➥दक्षिण ध्रुवीय महासागर का नाम

इस महासागर के दक्षिण ध्रुव में स्थित होने के कारण इसका नाम दक्षिण ध्रुवीय महासागर पड़ा है। यह महासागर सबसे ठंडा महासागर है।

➥दक्षिण ध्रुवीय महासागर का क्षेत्रफल

इस महासगार का क्षेत्रफल 1,40,00,000 वर्ग किलोमीटर है। अंटार्कटिका का 98% भाग औसतन 1.9 किलोमीटर मोटी बर्फ़ से ढंका हुआ है। इसे बर्फ का रेगिस्तान कहा जा सकता है और स्थायी तौर पर कोई नहीं रहता।

➥दक्षिण ध्रुवीय महासागर में पानी

बर्फ के पानी के रूप में होने कारण यहाँ की गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल सा है इसलिए यहाँ पर इसकी ऊँचाई से काम चलाना पड़ता है जोकि सबसे ऊँचा शिखर 4,776 मीटर है। औसतन पहले ही बताया जा चुका है की 1.9 की.मी. मोटी बर्फ की परत है। इस महासागर में 2,65,00,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी बर्फ के रूप में मौजूद है।

5. उत्तर ध्रुवीय महासागर ( Arctic Ocean In Hindi )

उत्तर ध्रुवीय महासागर सबसे छोटा व सबसे उथला महासागर है। अंतर्राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन वाले इसको एक महासागर तजवीज करता है जबकि कुछ महासागर विज्ञानी इसे आर्कटिक सागर कहते हैं और इसे अंध महासागर के भूमध्य सागरों में से एक मानते हैं। यह महासागर साल भर समुद्री बर्फ से ढाका रहता है। इस महासागर में सब से कम लवणता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी बर्रफ पिघलती रहती है और मीठे पानी की नदियाँ इसमें आकर गिरती रहती हैं।

➥उत्तर ध्रुवीय महासागर का नामकरण

उत्तर ध्रुव में स्थित होने के कारण इस महासागर का नाम उत्तर ध्रुवीय महासागर पड़ा है।

➥आर्कटिक महासागर का क्षेत्रफल और आकार

इस महासागर का क्षेत्रफल 1,40,60,000 वर्ग किलोमीटर है। जो की लगभग दक्षिण ध्रुवीय महासागर के बराबर है।

➥आर्कटिक महासागर की गहराई और पानी

इस महासागर की अधिकतम गहराई 5450 मीटर है। वहीं इसकी औसतन गहराई 1038 मीटर है। उत्तरीय ध्रुव महासागर में 1,80,70,000 क्यूबिक किलोमीटर पानी है।



❬ हमने कोशिश की 5 महासागर के नाम ( 5 Mahasagar Ke Naam  ) के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी आप तक पहुंचा सके। आप भी ये पोस्ट शेयर करें। अगर इसमें कुछ छूट गया हो या फिर कोई जानकारी आपको गलत लगती हो तो हमें इसकी जानकारी जरुर दें, और अपने विचार यहा कमेंट के माध्यम से हमें बताये। ऐसे ही अधिक जानकारी प्राप्त करते रहने के लिए हमारे ईमेल अपडेट सब्सक्राइब करे और हमारे फेसबुक, ट्वीटर, और गूगल प्लस पेज फॉलो करें। यदि आपके मन में कोई जानकारी प्राप्त करने की इच्छा है तो हमें लिख भेजें। ❭

धन्यवाद।

qureka lite quiz

आपके लिए खास:

68 comments

Avatar
RAHUL YADAV जनवरी 25, 2020 - 8:11 पूर्वाह्न

Thanks bhai

Reply
Avatar
neeraj kashyap अगस्त 7, 2019 - 8:47 पूर्वाह्न

this is complete package of knowledge about ocean

Reply
Avatar
Mohammad sajjad जुलाई 4, 2019 - 12:35 पूर्वाह्न

You are really good writer i read these articles, it's very knowledgeable things which is should know everyone and finally I would say thanks a lot keep it up

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 16, 2019 - 3:16 अपराह्न

Thanks Mohammad Sajjad ji..

Reply
Avatar
अंकित सोनी जून 13, 2019 - 11:08 अपराह्न

आपके द्वारा दी गयी जानकारी बहुत अच्छी है ????????????????????????????

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जून 14, 2019 - 10:32 अपराह्न

धन्यवाद अंकित जी।

Reply
Avatar
Prashant Kumar SP मई 11, 2019 - 11:46 पूर्वाह्न

Really very nice article providing complete knowledge about occeans

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 11, 2019 - 12:24 अपराह्न

धन्यवाद प्रशांत कुमार जी..

Reply
Avatar
ritik dwivedi फ़रवरी 2, 2019 - 6:51 अपराह्न

bhaiya ji you are great and your write is great

Reply
Avatar
योगेश श्रीवास्तव दिसम्बर 29, 2018 - 7:14 पूर्वाह्न

इसमे रोचक जानकारियां हैं इसे हमारे email पर भेज दें ा

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh दिसम्बर 31, 2018 - 2:56 अपराह्न

योगेश जी आप इसे यहीं पढ़ सकते हैं और इसका लिंक दूसरों के साथ शेयर कर सकते हैं…. धन्यवाद….

Reply
Avatar
AK RAJA दिसम्बर 26, 2018 - 7:00 अपराह्न

important knowledge Thanks you Bhai

Reply
Avatar
Mukesh Kumar दिसम्बर 11, 2018 - 7:05 अपराह्न

This is the most important knowledge for us… ????Thank you so much.. ????

Reply
Avatar
Vishvendra Singh अक्टूबर 10, 2018 - 8:25 पूर्वाह्न

Aapko dhanybad yah jankari dene ke

Reply
Avatar
Shivam सितम्बर 27, 2018 - 10:22 पूर्वाह्न

Jaankari ke liye thanks

Reply
Avatar
Nilesh mishra जुलाई 19, 2018 - 8:53 अपराह्न

Thanks

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 28, 2018 - 3:26 अपराह्न

सतीश चाँद जी हम आपकी बात से सहमत होते अगर आप कोई प्रमाण देते।

Reply
Avatar
Satish Chand मई 28, 2018 - 1:31 अपराह्न

aap ka answer galat hai 4 maha sagar hai prithvi par…

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 12, 2018 - 6:59 पूर्वाह्न

According to our knowledge there are only 5 oceans. If you know more than that then please let us and our reader know about that.. Thanks

Reply
Avatar
Anurag मई 10, 2018 - 9:50 अपराह्न

how many mahasagar are there tell me totaly joining these 5 point uve uploaded above

Reply
Avatar
Prem Kumar मार्च 24, 2018 - 3:21 अपराह्न

Very very nice news

Reply
Avatar
सुरेश बिश्नोई फ़रवरी 19, 2018 - 9:31 अपराह्न

आप की जानकारी बहुत अच्छी लगी

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh फ़रवरी 19, 2018 - 9:32 अपराह्न

धन्यवाद सुरेश बिश्नोई जी…

Reply
Avatar
Nawed mohammad जनवरी 25, 2018 - 11:41 पूर्वाह्न

Thank you very much

Reply
Avatar
Saurabh kumar जनवरी 20, 2018 - 6:10 अपराह्न

Very good news

Reply
Avatar
saurabhmaheshwari जनवरी 17, 2018 - 2:30 अपराह्न

Very most important knowledge

Reply
Avatar
YOGESH JAISWAL दिसम्बर 27, 2017 - 11:45 अपराह्न

this is a knowledgable site gives us good.

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh दिसम्बर 28, 2017 - 11:53 पूर्वाह्न

Thanks Yogesh Jaiswal ji

Reply
Avatar
Kawaljit Singh दिसम्बर 18, 2017 - 11:27 पूर्वाह्न

bht hi achi jaankari thi
main hmesha hi aapka blog padta hu

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh दिसम्बर 19, 2017 - 12:07 अपराह्न

बहुत-बहुत धन्यवाद कवलजीत सिंह जी। इसी तरह हमारे साथ बने रहें धन्यवाद।

Reply
Avatar
Chandan kumar दिसम्बर 14, 2017 - 5:47 अपराह्न

Thanks

Reply
Avatar
Sandeep chauhan नवम्बर 30, 2017 - 5:03 अपराह्न

Thanks …..

Reply
Avatar
Rahul Rana नवम्बर 24, 2017 - 10:46 अपराह्न

Nice details about oceans

Reply
Avatar
Anoop pushkar नवम्बर 5, 2017 - 2:38 अपराह्न

Very nice sir ji…
बुहुत ही सरल शब्दो मे समझाया है।

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh नवम्बर 5, 2017 - 4:57 अपराह्न

धन्यवाद अनूप पुष्कर जी।

Reply
Avatar
Vinay PRATAP singh अक्टूबर 13, 2017 - 12:14 अपराह्न

Nc thanks ApratimBlog

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अक्टूबर 13, 2017 - 5:51 अपराह्न

It's our pleasure Vinay Pratap ji.

Reply
Avatar
सतीश चौरसिया अक्टूबर 11, 2017 - 7:52 पूर्वाह्न

बहुत ही अच्छा है।

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अक्टूबर 11, 2017 - 1:20 अपराह्न

धन्यवाद सतीश चौरसिया जी।

Reply
Avatar
Amir R Khan अक्टूबर 4, 2017 - 8:19 पूर्वाह्न

बहुत ही उम्दा लिखा है आपने, पूरी डिटेल के साथ। ऐसे ही लिखते रहिये।

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अक्टूबर 4, 2017 - 9:09 पूर्वाह्न

धन्यवाद Amir R Khan जी। हमारा यही प्रयास है कि पाठकों को पूरी जानकारी उपलब्ध करवाई जाए।

Reply
Avatar
Aman raj kumar अक्टूबर 1, 2017 - 2:54 अपराह्न

Awesome

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अक्टूबर 1, 2017 - 5:22 अपराह्न

Thanks Aman Raj Kumar…

Reply
Avatar
nikesh kumar सितम्बर 26, 2017 - 1:08 अपराह्न

very nyc

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh सितम्बर 27, 2017 - 11:25 पूर्वाह्न

Thanks Nikesh Kumar ji…

Reply
Avatar
Ravi Kumar सितम्बर 17, 2017 - 10:56 अपराह्न

Peasant mahasagar kribhujakar nahi apitu lagbhag virtakat hai
Ncrt book class 6th chapter 5

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh सितम्बर 20, 2017 - 6:41 पूर्वाह्न

हो सकता है ये जानकारी मात्र उसी किताब में हो। आपसे गुजारिश है कि आप और स्त्रोतों से ये जानकारी हासिल करें। उसके बाद ही कोई निर्णय लें।
धन्यवाद।

Reply
Avatar
Shashank अगस्त 17, 2017 - 7:14 पूर्वाह्न

बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने।
हमको पढ कर बहुत अच्छा लगा।
धन्यवाद…..।।

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अगस्त 17, 2017 - 9:24 अपराह्न

हमें भी यह जानकर खुशी हुयी की आपको ये जानकारी अच्छी लगी। ऐसी और जानकारियां प्राप्त करने के लिए हमारे साथ बने रहें।
धन्यवाद।

Reply
Avatar
hanu jeph अगस्त 16, 2017 - 11:39 अपराह्न

Very nice

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अगस्त 17, 2017 - 9:22 अपराह्न

Thanks Hanun jeph….

Reply
Avatar
Vishal sharma अगस्त 4, 2017 - 10:29 अपराह्न

Nice

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh अगस्त 5, 2017 - 6:12 पूर्वाह्न

Thanks Vishal Sharma…

Reply
Avatar
Yashwant जुलाई 25, 2017 - 9:41 पूर्वाह्न

Thanxxx…..apratimblog

Reply
ApratimGroup
ApratimGroup जुलाई 26, 2017 - 11:57 पूर्वाह्न

Your Welcome!

Reply
Avatar
sugan kr mahto जुलाई 21, 2017 - 2:23 अपराह्न

Very interesting

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 21, 2017 - 9:46 अपराह्न

Yes it is Sugan…

Reply
Avatar
arif जुलाई 13, 2017 - 12:17 पूर्वाह्न

Very nice I am arif

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 13, 2017 - 2:24 अपराह्न

Thank you Arif bro…

Reply
Avatar
pj जुलाई 7, 2017 - 10:40 अपराह्न

This is complete Package of knowledge about oceans

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 8, 2017 - 7:25 पूर्वाह्न

Thanks pj…

Reply
Avatar
kavita जुलाई 7, 2017 - 11:23 पूर्वाह्न

Thnxx

Reply
Avatar
mausam जून 15, 2017 - 10:32 पूर्वाह्न

Awesome ji….

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जून 15, 2017 - 3:11 अपराह्न

Thanks Mausam ji…..

Reply
Avatar
Uttam gramani मई 24, 2017 - 1:09 अपराह्न

Superb

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मई 24, 2017 - 4:49 अपराह्न

Thanks Uttam Ji…

Reply
Avatar
Jamshed Azmi मार्च 19, 2017 - 6:32 अपराह्न

बहुत ही अच्छा आर्टिकल है। यह सभी का ज्ञानवर्धन करेगा। अच्छा काम कर रहे हैं आप। बहुत दिनों के बाद ब्लागिंग में सक्रिय हुआ हूं। इसके लिए माफी चाहता हूं।

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh मार्च 20, 2017 - 7:40 पूर्वाह्न

धन्यवाद Jamshed Azmi जी….. एक बार फिर आपका ब्लॉग्गिंग की दुनिया में स्वागत है।

Reply

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More