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सुव्यवस्थित कार्यशैली और लक्ष्य प्राप्ति – सफलता प्राप्ति के मूल मंत्र और उपाय

by Sandeep Kumar Singh
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सफलता के मूल मंत्र – सुव्यवस्थित कार्यशैली और लक्ष्य प्राप्ति

क्या आप सारा दिन काम करते हैं और फिर भी कुछ हासिल नहीं कर पाते? क्या आप को लगता है कि आप हर चीज को टाल देते हैं? क्या आपका समय ऐसे ही निकल जाता है और आप कुछ कर नही पाते? आपके पास काम बहुत है, लेकिन समझ नही पाते कहा से शुरू करे कैसे करे? क्या आप सफलता प्राप्त करना चाहते हैं? तो इन सवालों का जवाब है :- सफलता प्राप्ति के मूल मंत्र और उपाय- सुव्यवस्थित कार्यशैली और लक्ष्य प्राप्ति।

सफलता के मूल मंत्र – सुव्यवस्थित कार्यशैली और लक्ष्य प्राप्ति

सुव्यवस्थित कार्यशैली

सोच कर देखिये अगर आपका काम एक मेढंक को खाना हो और आपको उस मेढंक को खाना ही पड़ेगा। क्योंकि आपके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं होगा। तो आप ये काम कैसे और किस वक़्त करेंगे?

ब्राएन ट्रेसी जो कि कई सफल कंपनियों के CEO और सलाहकार हैं। वो कहते है की ये काम करने का सबसे बेस्ट टाइम है एकदम सुबह सुबह। जीहाँ एकदम सुबह। वो इसलिए क्योकि मेंढक खाना बहुत ही मुश्किल और बुरा काम होगा आपके लिए पुरे दिन का। इसलिए, जो सबसे मुश्किल काम होता है उसे सबसे पहले ख़तम कर देने से बाकि पूरा समय आप प्रसन्नता और उर्जावान महसूस करते है। और पूरा दिन आपका अच्छे से जाता है।

इसके उल्टा अगर आप वो काम टालते रहेंगे तो जबतक वो काम बचे रहेगा आपने सर में एक टेंशन घूमते रहेगा। दूसरी बात ये भी है की सुबह हम सबसे अधिक उर्जावान रहते है, जो दिन चढ़ने के साथ कम होते जाता है, इसलिए किसी भी काम को आप सुबह बेहतर ढंग से कर पाते है।

जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए सुव्यवस्थित कार्यशैली अपनाना बहुत ही जरुरी है। लेकिन सवाल आता है की ये सब कैसे करे। ब्राएन ट्रेसी के किताब “ईट दैट फ्रॉग” से समय प्रबंधन और सफलता प्राप्त करने के तरीको को हम आपके सामने सरल और संक्षिप्त रूप में बता रहे है।

व्यवस्थित कार्यशैली की शुरुवात कैसे करे?

✍ अपने सपनों को लिख लें

अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हमें इस बात का ज्ञान अवश्य होना चाहिए कि हम अपने भविष्य को कैसा देखना चाहते हैं? आप अपने भविष्य को जैसा भी देखना चाहते हैं उसे एक डायरी में लिख लें। ये मजाक नहीं है। एक रिसर्च के अनुसार 3 प्रतिशत लोगों ने ऐसा करने के बाद अपना काम बाकी लोगों के मुकाबले, जिन्होंने अपने लक्ष्य के बारे में नहीं लिखा था, से 5 से 10 गुना समय पहले ही कर लिया।

✌ बड़ा और भद्दा मेंढक पहले खाए

अपने बड़े और जरुरी कामों को सबसे पहले करना शुरू करें। आप जब भी कोई बड़ा प्रोजेक्ट ख़तम करते हैं आपको एक विजेता जैसी भावना आती है। आप ख़ुशी और जोश महसूस करते हैं। उस समय आपके दिमाग से एंडोर्फिन नाम का एक रसायन निकलता है जो हमें कुदरती ” high ” प्रदान करता है। जिससे हमारे अन्दर आत्मविश्वास और रचनात्मकता बढ़ जाती है। और ऐसा बार-बार करने से हम सफलता के आदी हो जाते हैं।

इन सात नियमों का पालन करे

✓ पहला नियम :- निश्चित करें कि आप क्या चाहते हैं।

अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपने लक्ष्य की स्पष्टता होना बहुत जरुरी है। अगर आप अपने सपनों को लेकर स्पष्ट नहीं है तो आप अपने लक्ष्य को कैसे हासिल कर सकते हैं?

✓ दूसरा नियम :- अपने लक्ष्य के बारे में लिखें।

अपने लक्ष्यप्राप्ति को बार-बार याद करने के लिए इसे लिख लें।

✓ तीसरा नियम :- अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समयसीमा निर्धारित करें।

हमेशा अपने काम को ख़तम करने के लिए समय सीमा निर्धारित करें। इस से आपको अपना काम जल्दी ख़त्म करने में सहायता मिलेगी।

✓ चौथा नियम :- उन सब कामों की एक सूची बनायें जो आपको लगता हो कि आपके लक्ष्य प्राप्ति के लिए आपको वो करने ही होंगे।

अपने कामों की एक सूची बनायें। सूची बना लेने से आपको भविष्य में यह नहीं सोचना पड़ेगा कि एक काम के ख़तम होने के बाद दूसरा काम कौन सा करना है। इससे आपका समय भी बचेगा और उर्जा भी।

✓ पाँचवां नियम :- सूची को योजनाबद्ध करें।

अब आपको सिर्फ सूची ही नहीं बनानी बल्कि उस सूची को योजनाबद्ध तरीके से लिखना है। अपने सब से जरूरी कामों को सूची में सब से ऊपर लिखें। उसके बाद कम जरूरी और इसी तरह पूरी सूची बना लें।

✓ छठा नियम :- अपनी योजना पर तुरंत काम कार्यवाही करें।

आप अपना काम सिर्फ लिख कर ही पूरा नहीं कर सकते। इसके लिए आपको काम करना पड़ेगा।

✓ सातवां नियम :- प्रतिदिन कुछ ऐसा करने की कोशिश करने जो आपको अपने लक्ष्य की और बढ़ाये।

मंजिल और अपने दरमियाँ के रस्ते को छोटा करें और अपने क़दमों को रोज मंजिल की तरफ थोड़ा-थोड़ा बढ़ाते रहें।

“P” फार्मूला :- “Proper Prior Planning Prevents Poor Performance.”

ये सात नियम अपनाने के बाद “P” फार्मूला को अपनाना बहुत जरुरी है। इसे अपनाने के बाद आप अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटकेंगे। एक ढंग ( Proper ) की सूची बनायें। उसमें जरूरी ( Prior ) काम को सब से ऊपर रखें। अपने काम को करने के लिए एक योजना ( Plan ) बनायें। ये आपको असफलता या ख़राब प्रदर्शन ( Poor Performance ) से बचाएगा ( Prevent ) ।

अपनी लक्ष्य प्राप्ति लिस्ट इस तरह बनायें :-

✍एक मास्टर लिस्ट बनायें जिसमे आप अगले एक साल के अन्दर कौन कौन से लक्ष्य पाना चाहते है वो लिखे।

✍एक मासिक सूची बनाये जिसमे हर महीने पुरे करने वाले लक्ष्य लिखे, याद रखे इनमे से कुछ लक्ष्य ऐसे हो जो आपके मास्टर लिस्ट को भी आगे बढ़ाये।

✍एक साप्ताहिक सूची तैयार करें। इसकी क्या जरुरत है अगर मासिक सूची बनायीं है तो? ये इसलिए जरूरी है ताकि शुरू का समय न ख़राब हो। अगर आपने साप्ताहिक सूची तैयार कर ली तो आपको एक भी मिनट या आखिरी दिन काम का बोझ महसूस नहीं होगा।

✍एक दैनिक सूची बनायें। जब हर एक दिन को पहले से ही योजनाबद्ध कर लेंगे तो आपको आसानी से पता लग जाएगा कि आपका अगला काम क्या है। इससे आप खुद को पहले से ज्यादा ताकतवर महसूस करोगे। और इस तरह आप खुद-ब-खुद ना रुकने वाले इंसान बन जाएंगे।

ABCDE का तरीका

सूची बनाने का काम ख़त्म करने के बाद इस पर ABCDE के तरीके से काम करें। अपने सबसे जरूरी काम को “A” से चिन्हित करें। जो काम आपको करना चाहिए उसे “B” से चिन्हित करें। ये ऐसा काम हो जिसे न करने से आपको ज्यादा नुकसान न हो, उस काम को “C” से चिन्हित करें। जिसे करने या ना करने से आपको कोई फर्क ना पड़े “D” से उस काम को चिन्हित करें जो आप किसी और से करवा सकते हों। “E” से उस काम को चिन्हित करें जिसे अगर आप अपनी सूची से निकल भी दें तो कोई फर्क न पड़े।

इसके बाद भी अगर आपकी लिस्ट लम्बी हो तो अपने जरूरी कामों को A1, A2, A3…….. से चिन्हित करें।
पर हमेशा अपने दिमाग में एक बात रखें कि आपको बड़ा और भद्दा मेंढक पहले खाना है। अपना समय छोटे-छोटे मेंढकों पर व्यर्थ ना करें।

यही सही समय है कुछ भी शुरू करने के लिए।

अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सही समय का इंतजार न करें। अभी से शुरू करें। एक कदम अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ाएं रास्ते अपने आप बन जाएँगे। रस्ते कभी ख़तम नहीं होंगे अगर आप सफ़र शुरू ही नहीं करेंगे। किसी भी कार्य की समाप्ति के लिए उसे शुरू करना सबसे जरूरी है।

अपने अन्दर के गुण को ढूंढें

अपने अन्दर के गुण को खुद का निरिक्षण कर ढूँढने का प्रयास करें। इस चीज का निरिक्षण करें कि आप कौन सा काम कर के कुछ अलग महसूस करते हैं। अपने परिवार से पूछें, दोस्तों से पूछें, अपने सहयोगियों से पूछें और दुसरे लोगों से पूछें कि आपमें ऐसा कौन सा गुण है जो दूसरों को आपकी ओर आकर्षित करता है या फिर आप क्या अच्छा कर लेते हैं? तब आप अपनी रूचि के अनुसार काम करें। आपको अपना काम एक खेल लगने लगेगा।

एक समय पर एक ही मेंढक खाने की कोशिश करें।

एक समय पर एक ही काम समाप्त करें। एक करते समय खुद को दूसरे काम में न फंसायें। सबसे जरूरी काम पहले ख़त्म करें। नहीं तो ये कभी ख़त्म नहीं होगा। आप एक समय पर एक से अधिक काम नहीं कर सकते। ऐसा करनी से आपको अपना काम समाप्त करने में सधारण से ज्यादा समय लग जाएगा।

अपने आप को प्रेरित करें और खुद पर दबाव बनायें

हर हालत में खुश रहें। अगर आप खुश नहीं भी हैं तो खुश रहने का नाटक करें। रिसर्च ये दर्शाती हैं कि अगर आप लगातार कुछ कहते या करते हैं तो ये आपकी आदत बन जाती है। इस तरह आप सकारात्मक बन सकते हैं। अपने ऊपर दबाव बनायें कि आपको निश्चित किया गया काम समय सीमा के अन्दर ही ख़तम करना है। इस से आप अनुशासन में रहना सीखेंगे और ये आपको और उर्जा प्रदान करेगा।

आपका काम ही आपकी पहल है, सही समय चुनें

हमेशा बड़े कामों को पहले ऐसे ख़त्म करें जैसे कि सिर्फ यही आपके लिए सबसे जरूरी है। हमेशा चुस्त रहने का ये सबसे बढ़िया ढंग है। अपने काम को करने के लिए सही समय चुनें। ये समय अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग होता है। कुछ लोग सुबह काम करना पसंद करते हैं और कुछ लोग रात को। इसलिए आप भी अपने काम करने का सही समय चुनें ताकि आप अच्छी तरह से काम कर सकें।

ब्राएन ट्रेसी (Brain Tracy) ने ये सब बाते अपनी एक किताब “ईट दैट फ्रॉग ( Eat That Frog )” में बहुत ही अच्छे और विस्तार से लिखा है। ये किताब समय के अनुसार जिंदगी जीने के बारे में बताती है। ये बताती है कैसे खुद को प्रेरित कर अपने आप पर नियंत्रण पाया जा सकता है, और समय प्रबंधन और सुव्यवस्थित कार्यशैली जैसे सफलता प्राप्त करने के तरीको को जीवन में उतरने का सरल तरीका बताती है। अगर आप इन सुव्यवस्थित कार्यशैली तरीकों को अपने जीवन में उतार के सफलता प्राप्त करना चाहते है, तो हम आपको सलाह देंगे की उनकी ये किताब आप जरुर पढ़े।

ये किताब आप यहा से प्राप्त कर सकते है ☛

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हिंदी संस्करण

सुव्यवस्थित कार्यशैली

Eat-That-Frog-En-2

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Original English

सुव्यवस्थित कार्यशैली - smart work

Eat-That-Frog-Hi-2

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नोट:- यह लेख इस किताब के लेखक के किसी भी कॉपीराइट का उलंघन नही करता, बल्कि इस लेख के जरिये उनकी किताब के बारे में लोगो को बताने का काम किया जा रहा है, जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लेखक के हित में है, फिर भी अगर किसी को इस लेख से कोई परेशानी है तो हमसे संपर्क करे।

ये लेख आपको कैसा लगा हमें कमेंट के माध्यम से जरुर बताये। अगर अच्छा लगा तो शेयर जरुर करे। धन्यवाद।

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