Home कहानियाँशिक्षाप्रद कहानियाँ ज्ञान की कहानी :- एक कप कॉफ़ी है ज़िंदगी | Gyan Ki Kahani

ज्ञान की कहानी :- एक कप कॉफ़ी है ज़िंदगी | Gyan Ki Kahani

by Sandeep Kumar Singh

सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है

ये ज्ञान की कहानी है उन लोगों के लिए जो जीवन में सबसे ऊपर जाना चाहते हैं लेकिन खुश नहीं रहते। जीवन में यदि कोई आनंद ही नहीं तो महंगी चीजों का हमारे पास होने से फ़ायदा ही क्या? जरूरी है अपने जीवन से प्यार करना और हर समय खुश रहना। इसी विषय पर केन्द्रित है यह ( Gyan Ki Kahani ) ज्ञान की कहानी :-

ज्ञान की कहानी

ज्ञान की कहानी

एक बार एक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के पास उसके कुछ पुराने विद्यार्थी  आये। सब आपस में पुराने दिनों की बात कर ही रहे थे कि बात करते करते सबकी बातें ज़िंदगी की समस्याओं और तनाव की शिकायतों में बदल गयी। प्रोफ़ेसर सबकी बातें सुन रहे थे। थोड़ी देर बाद उठ कर प्रोफेसर किचन में गए और अपने साथ कॉफ़ी से भरा हुआ एक बड़ा जग लेकर आये और साथ ही बहुत सरे कप। उनमें कुछ कप प्लास्टिक के, कुछ कांच के, कुछ चीनी मिट्टी के, महंगे, सस्ते, सुन्दर दिखने वाले और साधारण कप थे।

प्रोफेसर नए आये हुए विद्यार्थियों से कॉफ़ी देने में मदद मांगी। सबने एक-एक कप उठा लिया और 2-3 विद्यार्थियों नए सबको कॉफ़ी बाँट दी। जब सबको कॉफ़ी मिल गयी तो प्रोफेसर बोले,

“आप सब नए अगर ध्यान न दिया हो तो एक बार अपने-अपने कप देखें। आप सबने अपनी तरफ से महंगे और अच्छे दखने वाले कप उठाये। जबकि सस्ते और सुन्दर न दिखने वाले कप अभी भी वहीं रखे हुए हैं जहाँ वो थे। यही हमारी ज़िंदगी की समस्याओं और तनाव का कारण है। क्योंकि आप हमेशा ही अपने लिए सबसे अच्छी चीज की चाहत रखते हैं।

कॉफ़ी के लिए कप चुनते समय आप शायद यह भूल गए थे कि कप का चुनाव आपके कॉफ़ी का स्वाद नहीं बदल सकता। आपका मुख्य उद्देश्य कॉफ़ी लेना था लेकिन फिर भी अपने सारा ध्यान कप पर दिया। सबने अपनी तरफ से अच्छे और महंगे कप उठाने का ही प्रयास किया। इतना ही नहीं उसके बाद आपने सबके कप पर नज़र डाली कि कहीं आपने गलत चुनाव तो नहीं कर लिया।

अब सोचिये कि कॉफ़ी आपकी ज़िंदगी है और कप है आपकी नौकरी, पैसा और समाज में आपकी हैसियत। जोकि सिर्फ जीने के लिए हमें ज़िंदगी में शामिल करने पड़ते हैं। जैसे कॉफ़ी को पकड़ने के लिए कप को शामिल किया जाता है। जिस तरह कप हमारे कॉफ़ी का स्वाद नहीं बदलते उसी तरह ये कप हमारे जीने के अंदाज को नहीं बदलते। जो कप हमारे पास है वो हमारी ज़िंदगी को परिभाषित नहीं कर सकती न ही हमारे जीने के ढंग को परिभाषित कर सकते हैं। क्योंकि यह हमारी ज़िंदगी है।

कई बार बस कप पर ध्यान देने से हम कॉफ़ी का आनंद नहीं ले पाते। कॉफ़ी के बारे में सोचो, कप के बारे में नहीं। खुश रहने वाले लोगों के पास हमेशा सबसे अच्छी चीज नहीं रहती लेकिन वो फिर भी खुश रहते हैं। वो हर चीज को अच्छा बना लेते हैं। जबकि अच्छी चीज की तलाश करने वालों की तलाश ही ख़त्म नहीं होती और वो कभी खुश नहीं हो पाते।

इसलिए हमें भी आने जीवन में साधारण ढंग से रहते हुए हर चीज का आनंद उठाना चाहिए। क्योंकि खुशियाँ किसी जरूरतों की मोहताज़ नहीं होती। हम खुश रहें तो दुनिया कि हर चीज हमारे लिए अच्छी है। यदि हम अच्छी चीजें पाने का ही प्रयास करेंगे तो कभी भी खुश नहीं रह पाएंगे।“

अब सब विद्यार्थियों को इनकी ज़िंदगी की समस्याओं का और तनाव के कारणों का पता चल गया था। उन्होंने अपने प्रोफेसर का धन्यवाद किया और चले गए।

तो दोस्तों आप भी जान गए होंगे कि यदि कोफ्फे रुपी जीवन का आनंद उठाना है तो हमें भी सबसे अच्छा बनने और सबसे अच्छी चीजें प्राप्त करने का प्रयास नहीं करना चाहिए बल्कि यह प्रयास करना चाहिए कि हम खुद से बेहतर बने और हर काम खुश होकर करें। कॉफ़ी यानि कि अपने जीवन पर ध्यान दें न कि कप जैसे कि नौकरी, समाज और पैसे पर।

पढ़िए अप्रतिम ब्लॉग की ये ज्ञानवर्धक कहानियां :-

( Gyan Ki Kahani ) ” ज्ञान की कहानी ” आपको कैसी लगी? अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

धन्यवाद।

qureka lite quiz

आपके लिए खास:

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More