Self Motivation Poem Hindi | हिन्दी कविता इतिहास नया इक गढ़ना है

Self Motivation Poem Hindi – धन, वैभव, मान-सम्मान कोई ऐसी चीज नहीं हैं जो हासिल न की जा सकें। मजबूरी का नाम देकर इं चीजों से दूर रहने वाले अक्सर वही लोग होते हैं जो जीवन में परिश्रम से निरंतर दूर भागते रहते हैं। अंत मे अपनी परिस्थिति के लिए सारा दोष भाग्य पर मढ़ देते हैं। लेकिन भाग्य क्या है? भाग्य हमारे ही कर्मों का लेखा-जोखा है और हमें स्वयं ही अपना भाग्य बदलना होगा। इतिहास भी यही कहता है और हमारी कविता भी। आइए पढ़ते हैं हिन्दी कविता इतिहास नया इक गढ़ना है :-

Self Motivation Poem Hindi
इतिहास नया इक गढ़ना है

Self Motivation Poem Hindi

लक्ष्य साध अपने जीवन का
अविरल आगे ही बढ़ना है,
जीवंत कर स्वप्नों को तुम्हें
इतिहास नया इक गढ़ना है।

व्यर्थ न सोचो, जीवन से
दुःख के बादल कब जाएंगे,
सतत परिश्रम से जीवन में
धन वैभव सब आएंगे।

बदलाव नियम है प्रकृति का
पाठ यही अब पढ़ना है,
जीवंत कर स्वप्नों को तुम्हें
इतिहास नया इक गढ़ना है।

है कष्ट उसी के जीवन में
सुख के समय जो सोता है,
अपनी कमियाँ हैं मानव की
दुर्भाग्य कहाँ कुछ होता है।

कर्मों के बाल से ही तुमको
अब भाग्य नियंत्रित करना है,
जीवंत कर स्वप्नों को तुम्हें
इतिहास नया इक गढ़ना है।

मार्ग नहीं होते हैं सुगम
बहुधा आती है बाधाएं,
हर अड़चन मिट जाती है
यदि वीर कहीं पर डट जाएं।

मुकुट कहाँ करते हैं निर्णय
किसके मस्तक पर चढ़ना है,
जीवंत कर स्वप्नों को तुम्हें
इतिहास नया इक गढ़ना है।

पर्वत से निकले जलधारा
सरिता रूप तभी पाती है,
स्वयं बनाकर राह नई
जा सागर में समाती है।

मृत्यु नहीं आती है जब तक
हर क्षण चुनौती से लड़ना है,
जीवंत कर स्वप्नों को तुम्हें
इतिहास नया इक गढ़ना है।

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Self Motivation Poem Hindi ” इतिहास नया इक गढ़ना है ” आपको कैसी लगी? अपने विचार लिख कर रचनाकार का हौसला बढ़ाएं।

धन्यवाद।

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  1. Avatar Vikas
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