सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है

Sanskar Poem In Hindi – ‘ संस्कार पर कविता ‘ में अच्छे संस्कारों का महत्त्व प्रतिपादित करते हुए इन्हें जीवन और समाज को सुन्दर बनाने के लिए आवश्यक बताया गया है। संस्कार व्यक्ति के तन, मन और जीवन को शुद्ध और संस्कारित करके उसे समाज का उपयोगी सदस्य बनाते हैं। संस्कारों के बीज बचपन में ही बो देना चाहिए ताकि ये बाद में अंकुरित होकर विशाल वृक्ष का आकार लेकर सबको शीतल छाया प्रदान कर सकें। आज विश्व में बढ़ती अव्यवस्था का कारण यही है कि हम अपने संस्कारों को भूलते जा रहे हैं। संसार में सबकी खुशहाली के लिए हमें फिर से मानवता के हितकारी संस्कारों को अपनाना होगा। 

Sanskar Poem In Hindi
संस्कार पर कविता

Sanskar Poem In Hindi

अच्छी बातें अपनाने को
कहते हैं संस्कार,
ये भावी सुन्दर जीवन के
बनते हैं आधार।

जीवन – उपवन में फैलाते
ये फूलों – सी गन्ध,
गलत राह से कदम रोकते
ये अनुशासन – बन्ध।

होते हैं संस्कार वृक्ष की
जैसे शीतल छाँव,
जहाँ पहुँचकर मिलती हमको
सच्चे सुख की ठाँव।

आज मचा है दुनिया भर में
भीषण हाहाकार,
इसका कारण है हम अपने
भूल गए संस्कार।

खो संवेदन मानव का मन
बना आज पाषाण,
नहीं हिचकता वह औरों के
लेने से भी प्राण।

दया प्रेम का नाम नहीं अब
मची हुई है लूट,
अपराधों से मानवता के
गए भाग्य ही फूट।

देशों में विश्वास नहीं अब
बना रहे हथियार,
हिंसा के ये अस्त्र करेंगे
सबका ही संहार।

काँटे बोकर हम करते हैं
मीठे फल की आस,
सुखा नीर के स्रोत चाहते
बुझे हमारी प्यास।

थम पाएँगे तभी विश्व में
बात – बात पर युद्ध,
संस्कारित होकर जब मानव
होगा पुनः प्रबुद्ध।

सिखलाएँ बच्चों को करना
हम आपस में प्यार,
विश्व – शान्ति के सपने तब ही
कल होंगे साकार।

हमें थामना होगा फिर से
संस्कारों का हाथ,
दे पाएँगी जग में खुशियाँ
तभी हमारा साथ।

पढ़िए संबंधित रचनाएं :-

” संस्कार पर कविता ” ( Sanskar Poem In Hindi ) आपको कैसी लगी? अपने विचार हमें कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें :-

apratimkavya logo

धन्यवाद।

qureka lite quiz

आपके लिए खास:

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More