पंडित जवाहरलाल नेहरू के सुविचार | नेहरू जी के 20 प्रेरक अनमोल वचन

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु, जिनका जन्म 14 नवम्बर 1889 को हुआ था, एक महान व्यक्ति थे। एक व्यक्ति की महानता का अंदाजा उसके विचारों से ही हो जाता है। तो आइये पढ़ते हैं पंडित जवाहरलाल नेहरू के सुविचार :-

पंडित जवाहरलाल नेहरू के सुविचार

पंडित जवाहरलाल नेहरू के सुविचार :- पंडित जवाहरलाल नेहरू के सुविचार


1. लोकतंत्र अच्छा है। मैं यह कहता हूं क्योंकि अन्य प्रणालियां इससे बदतर हैं।


2. समय को वर्षों के बीतने से नहीं बल्कि व्यक्ति क्या करता है, क्या महसूस करता है और क्या हासिल करता है, उससे मापा जाता है।

समय को वर्षों के बीतने से नहीं बल्कि व्यक्ति क्या करता है, क्या महसूस करता है और क्या हासिल करता है, उससे मापा जाता है।

Time is not measured by the passing of years but by what one does, what one feels, and what one achieves. – Pandit Jawaharlal Nehru


3. सुझाव देना और बाद में हमने जो कहा उसके नतीजे से बचने की कोशिश करना बेहद आसान है।


4. लोगों की कला उनके दिमाग का सच्चा दर्पण है।


5. जीवन ताश के पत्तों के खेल की तरह है। आपके हाथ में जो है वह नियति है, जिस तरह से आप इसे खेलते हैं वह स्वतंत्र इच्छा है।


6. बहुत सतर्क रहने की नीति सबसे बड़ा जोखिम है।


7. संस्कृति मन और आत्मा का विस्तार है।


8. एक नेता या कर्मठ व्यक्ति संकट के समय लगभग हमेशा ही अवचेतन रूप में कार्य करता है और फिर अपने किये गए कार्यों के लिए तर्क सोचता है।


9. महान कार्य और छोटे लोग साथ नहीं चल सकते।


10. संकट में हर छोटी चीज का महत्त्व होता है।


11. नागरिकता देश की सेवा में निहित होती है।


12. संकट और रुकावट का कम से कम यह लाभ तो है ही, कि वे हमें सोचने के लिए मजबूर करते हैं।


13. अज्ञानता हमेशा परिवर्तन से डरती है।

अज्ञानता हमेशा परिवर्तन से डरती है।

Ignorance is always afraid of change. – Pandit Jawaharlal Nehru


14. शांति के बिना, सभी सपने ख़त्म होकर राख बन जाते हैं।


15. जो व्यक्ति ज्यादातर अपने गुणों की बात करता है, वह अक्सर सबसे कम गुणी होता है।


16. सच सच ही रहेगा आपके नापसंद करने से गायब नहीं होगा।


17. जीवन में डर से बुरा और इतना खतरनाक शायद कुछ भी नहीं है।


18. असफलता तभी आती है जब हम अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाते हैं।

असफलता तभी आती है जब हम अपने आदर्शों, उद्देश्यों और सिद्धांतों को भूल जाते हैं।

Failure comes only when we forget our ideals and objectives and principles. – Pandit Jawaharlal Nehru


19. जाहिर सी बात है, उच्चतम दक्षता वही है जो मौजूदा सामग्री का सबसे अच्छा लाभ उठा सके।


20. एक महान काम में ईमानदारी और लगन से दिए गए योगदान के लिए आपको भले ही तुरंत पहचान न मिले, लेकिन उसका फल आपको जरूर मिलता है।


पंडित जवाहरलाल नेहरु के सुविचार का विडियो यहाँ देखें :-

पढ़िए अप्रतिम ब्लॉग पर महान लोगों के विचार :-

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धन्यवाद।

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