नारी सम्मान पर कविता | नारी शक्ति पर कविता | Nari Shakti Poem In Hindi

सृष्टि के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान नारी का है। बिना नारी के किसी भी प्राणी का जन्म असंभव है। नारी देवी है, माता है, बहन है। नारी के अनेकों रूप हैं। उन्हीं रूपों का वर्णन कवियत्री इस कविता में कर रही हैं। आइये पढ़ते हैं कविता “ नारी सम्मान पर कविता ”

नारी सम्मान पर कविता

मैं नारी हूँ कविता

मैं देश धरा की आशा हूँ
मैं प्रीत प्यार की भाषा हूँ

मैं पिय की संग संगाती हूँ
मैं ही प्रियतम की पाती हूँ

मैं श्वेद से घर सजाती हूँ
मैं पत्नी  धर्म निभाती हूँ

मैं नेह दीप  की ज्योति हूँ
मैं ही सागर  का मोती हूँ

मैं पिय अधरों के गीत हूँ
मैं जीवन का संगीत हूँ

मैं शीतलता   में  चंदन  हूँ
मैं सच में  ताप निकदंन हूँ

मैं पुन्य  धरा की माटी हूँ
मैं खुसियाँ बांटती जाती हूँ

मैं ही कृषकों  की बेटी हूँ
मैं गुरबत  में जी लेती हूँ

मैं अपनों को खिलाती हूँ
मैं पानी पी सो जाती हूँ

मैं ही सावित्री   सीता हूँ
मैं प्रियतम की परिणीता हूँ

मैं वन रधुवर संग  जाती हूँ
मैं यम से भी टकराती   हूँ

मैं कविता और रूबाई   हूँ
मैं कृष्ण की “मीरा बाई हूँ

मैं गीत  कृष्ण की गाती हूँ
मैं झूमती नाचती जाती हूँ

मैं बच्चों की किलकारी हूँ
मैं धर आँगन  फुलवारी हूँ

मैं होली और दिवाली हूँ
मैं सच में अद्भुत माली हूँ

मैं जननी स्वयं कहानी  हूँ
मैं इन आँखों का पानी हूँ

मै दो कुल की शान बन जाती हूँ
मैं धर्म पत्नी कहलाती हूँ।

पढ़िए :- महिला दिवस और नारी के सम्मान में ” नारी शक्ति  पर दोहे “


केवरा यदु "मीरा"यह कविता हमें भेजी है श्रीमती केवरा यदु ” मीरा ” जी ने। जो राजिम (छतीसगढ़) जिला गरियाबंद की रहने वाली हैं। उनकी कुछ प्रकाशित पुस्तकें इस तरह हैं :-
1- 1997 राजीवलोचन भजनांजली
2- 2015 में सुन ले जिया के मोर बात ।
3-2016 देवी गीत भाग 1
4- 2016 देवीगीत भाग 2
5 – 2016 शक्ति चालीसा
6-2016 होली गीत
7-2017  साझा संकलन आपकी ही परछाई।2017
8- 2018 साझा संकलन ( नई उड़ान )

इसके अतिरिक्त इनकी अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित हो चुकी हैं। इन्हें इनकी रचनाओं के लिए लगभग 50 बार सम्मानित किया जा चुका है। इन्हें वूमन आवाज का सम्मान भी भोपाल से मिल चुका है।
लेखन विधा – गीत, गजल, भजन, सायली- दोहा, छंद, हाइकु पिरामिड-विधा ।
उल्लेखनीय- समाज सेवा बेटियों को प्रशिक्षित करना बचाव हेतु ।

‘ नारी सम्मान पर कविता ‘ ( Nari Shakti Poem In Hindi ) के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

One Response

  1. Avatar Rajendra Shrivastava

Add Comment

Safalta, Kamyabi par Badhai Sandesh Card Sanskrit Bhasha ka Mahatva in Hindi Surya Ke Bare Mein Jankari | Surya Ka Tapman Vyas Prithvi Se Doori 25 Famous Deshbhakti Naare and Slogan आधुनिक महापुरुषों के गुरु कौन थे?