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मेरी नानी पर कविता – नानी की तारीफ की कविता | Poem On Nani In Hindi

by Sandeep Kumar Singh

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जिंदगी में हम अपने आस-पास कई लोगों को देखते हैं। उम्र के अलग-अलग पड़ाव में उनके चेहरों की अवस्था बदलती रहती है। लेकिन हमारे नाना-नानी और दादा-दादी के चेहरे, जो हम बचपन में देखते हैं। उनके अंतिम समय तक उनका चेहरा वैसा ही रहता है। और नानी किसकी प्यारी नहीं होती। बचपन में शायद ही कोई छुट्टियों में अपनी नानी के घर ना जाता हो। और नानी की कुछ ख़ास स्मृतियाँ हमारे दिल में जगह बना लेती है। उन्हीं स्मृतियों को एकत्रित कर आज मैं अपनी नानी के बारे में ये कविता लिख रहा हूँ। जो दुनिया की हर नानी को समर्पित है :- मेरी नानी पर कविता ।

मेरी नानी पर कविता

मेरी नानी पर कविता

उम्र वहीं पर रुक गयी जैसे
हुयी खुदा की मेहरबानी
चेहरे पर रौनक सी रहती
होठों पर मीठी वाणी,
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

जब भी जाते हैं उनके घर
वो प्यार बहुत ही जताती हैं
बना-बना कर पकवान वो स्वादिष्ट
भरपेट हमें खिलाती हैं,
अंत में जब वो खीर बनाती
झट मुंह में आता पानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

संयम, हिम्मत, विश्वास तुम रखना
ये बात वो हमें सिखाती हैं
अपने शब्दों की दुनिया से
इक नया संसार दिखाती हैं,
बातें सुनकर लगता उनकी
नहीं उनसा कोई है ज्ञानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

अब नींद नहीं आती रातों को
वो लोरी हमें सुनाती हैं
सुनकर मीठी आवाज उनकी
झट नींद हमें आ जाती है,
कभी-कभी तो चलते किस्से
एक था राजा इक रानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

उठ कर सुबह वह पूजा करती
रामायण व गीता पढ़तीं
पास बैठकर हैं सब सुनते
ऐसे नानी संस्कार हैं गढ़तीं,
पर हसीं मजाक में कर देती हैं
वो हरकत कभी बचकानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

घर की वो तो वैद्य हैं जिनसे
डरती है हर बीमारी
हर मुश्किल को हल करने की
रखती हैं हरदम तैयारी,
शक की कोई बात नहीं है
वो सचमुच में हैं बहुत सयानी
हर गुण जिसमें कूट भरा है
ऐसी हैं मेरी नानी
ऐसी हैं मेरी नानी।

पढ़िए :- कविता नानी के घर की

यह कविता पढ़ कर हमें अवश्य बतायें कि आपके दिल ने भी नानी को याद किया या नहीं? नानी के बारे में अपनी यादें और विचार हमसे जरूर साझा करें।

पढ़िए रिश्तों से संबंधित ये सुंदर रचनाएं :-

धन्यवाद।

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7 comments

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spandan ganvir June 9, 2021 - 4:48 PM

very nice poem,i really miss my nani so much.

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Prity Kumari July 23, 2020 - 2:06 PM

It's really vry awsm????????????

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Khushboo January 27, 2020 - 2:06 PM

Thsnk you thank you so much, helped me so muchh
Very well written

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Dr hema November 16, 2019 - 12:32 PM

Thank you so much . You helped me alot with your words

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Aniket Raj August 8, 2018 - 9:20 AM

बहूत खूब poem

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh August 9, 2018 - 8:47 PM

धन्यवाद अनिकेत जी।

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Santosh kumar May 15, 2018 - 9:14 PM

Very good poem

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