Home » Apratim Post » मोबाइल की लत पर कविता – जीवन में अभिशाप

मोबाइल की लत पर कविता – जीवन में अभिशाप

मोबाइल की लत पर कविता

मोबाइल की लत पर कविता

मोबाइल की लत पर कविता

पड़ा खाट पर एक शेर का
बच्चा हुआ निढाल,
पूछ रहे थे पशु जंगल के
आकर उसका हाल।1।

मुँह लटकाए पूँछ दबाए
गुमसुम बैठा शेर,
वहीं शेरनी की आँखों में 
था आँसू का ढेर। 2।

शेर कह रहा – करता हूँ मैं 
इस जंगल पर राज,
पर बच्चे घर में ही मेरी 
बात न सुनते आज। 3।

कह – कह मैं तो इस बच्चे से 
गया स्वयं ही हार,
पर लत मोबाइल की इसकी 
गई न किसी प्रकार। 4।

बैठ अँधेरे में भी इस पर 
यह करता था काम,
छोड़ दिया था करना इसने 
दिन में भी आराम। 5।

मोबाइल के कारण इसके 
दोस्त गए सब छूट,
बाहर की दुनिया से नाता 
गया कभी का टूट। 6।

खेलकूद की गतिविधियों से 
रहा न इसको प्रेम,
जब देखो तब मोबाइल पर
खेला करता गेम। 7।

खाना भी खाता था अब तो 
रख मोबाइल साथ,
सिर के साथ कभी तो इसके 
दुखते भी थे हाथ। 8।

मोटापे के कारण इसकी 
सेहत हुई खराब,
पिछड़ पढ़ाई में जाने का 
था मन पर भी दाब। 9।

जो भी काम कहो करने को 
जाता उसको भूल,
गुस्सा करता बात न होती 
जब इसके अनुकूल। 10।

जोड़ों की पीड़ा से पड़ता 
कभी-कभी यह चीख,
आँखों से भी सब धुँधला – सा 
रहा इसे है दीख। 11।

इसे ले गए कई बार हम
डॉक्टर के भी पास,
पड़ा दिखाई फर्क न लेकिन 
अब तक कोई खास। 12।

सभी चिकित्सक कहते इसको 
दो पूरा आराम,
मोबाइल का तो अब इसको 
लेने ना दो नाम। 13।

इसकी मम्मी का तो रो – रो 
हुआ बुरा है हाल,
बेटे की हर बात मान अब 
होता उसे मलाल। 14।

यह बच्चा ही रहा हमारी 
इकलौती संतान,
इसीलिए यह जो कहता था 
लेते उसको मान। 15।

आँख शेर की नम हो आई 
कहते – कहते बात,
समझ रहे थे विवश पिता के 
वन के पशु हालात। 16।

भालू बोला – करो न चिन्ता 
होगा सब ही ठीक,
मिट जाएगी धीरे-धीरे 
दुःख की भी यह लीक। 17।

आप सभी अपनी सेहत का 
रखिए पूरा ध्यान,
मोबाइल के दुष्प्रभाव को
आज गया मैं जान। 18। 

मेरा नाती मोबाइल ही 
माँग रहा इस बार,
जन्म – दिवस पर अन्य चीज का 
दूँगा अब उपहार। 19।

कहा लोमड़ी ने – मोबाइल 
लाई मैं बेकार,
मेरे बच्चों का तो इससे 
बदल रहा व्यवहार ।20।

बात-बात में झगड़ा करते 
नहीं रहे शालीन,
मोबाइल के दृश्य रहे हैं 
उनका बचपन छीन। 21।

मोबाइल से रखना होगा
अब बच्चों को दूर,
जिससे जीवन की खुशियाँ वे 
उठा सकें भरपूर। 22।

सभी जानवर मोबाइल के 
दोष गए पहचान,
सोच रहे वे अति सबकी ही 
देती है नुकसान। 23।

सभी शेर को देकर ढाढ़स
लौटे घर की ओर,
मोबाइल के खतरों ने था 
दिया उन्हें झकझोर। 24।

कहते थे अपने बच्चों को 
अब वे देंगे वक्त,
मोबाइल में जिससे बच्चे 
होंगे ना आसक्त। 25।

मोबाइल का सीमित खुद भी 
कर देंगे उपयोग,
नहीं लगेगा बच्चों को भी 
जिससे इसका रोग। 26। 

बच्चो ! मोबाइल तो हमको 
है जैसे वरदान,
पड़े जरूरत तब उलझन का
इससे करें निदान। 27। 

निर्देशन में सदा बड़ों के 
इसे चलाएँ आप,
नहीं बनेगा तब मोबाइल 
जीवन में अभिशाप। 28।

पढ़िए ऐसी ही कुछ बेहतरीन रचनाएं :-

” मोबाइल की लत पर कविता ” आपको कैसी लगी? अपने विचार कमेन्ट बॉक्स में जरूर लिखें।

धन्यवाद।

qureka lite quiz

आपके लिए खास:

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More