लक्ष्य मिलना चाहिए कविता :- लक्ष्य पर आधारित छोटी हिन्दी कविता

एक इन्सान के जीवन में कोई लक्ष्य होना उतना ही जरूरी है जितना उसका जीना। बिना लक्ष्य के इन्सान सारा जीवन बस भटकता रहता है। उसके जीवन का कोई अर्थ नहीं होता। जीवन का आनंद वाही उठा सकता है जिसका कोई लक्ष्य होता है। क्योंकि इस तरह उसका जीवन एक लक्ष्य को समर्पित हो जाता है। जिससे वह भटकता नहीं बल्कि दूसरों को भी नई राह दिखाने लगता है। हम में से कई लोग बस सोचते ही रहते हैं कि हम ये करेंगे वो करेंगे लेकिन करते नहीं। उन्हीं लोगों को प्रेरित करती  है यह कविता। तो आइये पढ़ते हैं लास्की मिलना चाहिए कविता :-

लक्ष्य मिलना चाहिए कविता

लक्ष्य मिलना चाहिए कविता

त्याग के चिंता तुझे घर से निकलना चाहिए,
मार्ग कोई भी रहे, बस लक्ष्य मिलना चाहिए।

बांधती हैं जो तुझे वो बेड़ियाँ सब तोड़ना
ठोकरों से जो गिरो तो हौसला मत छोड़ना,
सीख कर इनसे हमें चुपचाप चलना चाहिए।
मार्ग कोई भी रहे, बस लक्ष्य मिलना चाहिए।

थामता रहता सदा है भागने देता नहीं
बस गया तेरी नसों में जागने देता नहीं,
रोकता है जो तुझे हर भय पिघलना चाहिए।
मार्ग कोई भी रहे, बस लक्ष्य मिलना चाहिए।

देख लेगा ये ज़माना, हम किसी से कम नहीं
चाह हमको है जहाँ की हम उड़ेंगे बस वहीं,
पंछियों जैसा हृदय में भाव पलना चाहिए,
मार्ग कोई भी रहे, बस लक्ष्य मिलना चाहिए।

सोचते हर बार लेकिन पाँव बढ़ते ही नहीं
हार जाते हैं हमेशा जो बदलते ही नहीं,
जीतना है तो समय अनुसार ढलना चाहिए।
मार्ग कोई भी रहे, बस लक्ष्य मिलना चाहिए।

– संदीप कुमार सिंह

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धन्यवाद।

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