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खुशनुमा है जिंदगी – ज़िन्दगी पर कविता | Poem On Life In Hindi

by Sandeep Kumar Singh

जिंदगी एक खुशनुमा एहसास है। जिसका आनंद हर समय रहना चाहिए। हम जिंदगी में सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं। असंभव कुछ भी नहीं। इसी सब को मैंने शब्दों का रूप देकर आपके सामने प्रस्तुत किया है। आशा करता हूँ आपको पसंद आएगी। दूसरों को प्रेरित करने के लिए शेयर जरूर करें। पेश है ज़िन्दगी पर कविता – खुशनुमा है जिंदगी ।

खुशनुमा है जिंदगी

खुशनुमा है जिंदगी

जिंदगी को आज हम
अपने मुताबिक करते हैं,
खुशनुमा है जिंदगी आज
ये हम साबित करते हैं।

जब दर्द ये दिल का बढ़ जाए
उस दर्द को अपनी दवा बना,
जो निकले चीख कभी फिर तो
उस चीख से अपना जोश बढ़ा,
चलता जाना अपने रस्ते
मंजिल की तरफ अब कदम बढ़ा,
आज इस नीरस मन को
फिर से उत्साहित करते हैं,
खुशनुमा है जिंदगी आज
ये साबित करते हैं।

कुछ कहते हैं मजबूर हैं हम
उस वक़्त से कुछ अभी दूर हैं हम,
लेकिन इतिहास ये कहता है
मजबूरी ही बनती ताकत,
जब लहू रगों में दौड़ता है
और हिम्मत की होती है आहट,
ऐसे ही गुणों को हम
खुद में समाहित करते हैं,
खुशनुमा है जिन्दगी आज
ये साबित करते हैं।

इस दुनिया में सब इंसान नहीं
इंसान वो है जो खुश रह जीता है,
पर जिसको देखो वहीँ यहाँ पर
झूठे से आंसू रोता है,
और नहीं कोई हम ही
अपने हालातों के जिम्मेदार हैं,
तो आज अभी से खुद को हम
खुशियों पर आधारित करते हैं,
खुशनुमा है जिन्दगी आज
ये साबित करते हैं।

है यही समय यही अवसर है
है कोई नहीं बस एकसर है,
चल आज दिखा दे दुनिया को
आने वाली तेरी सहर है,
न रोक सकेंगे अब हमको
ये राह में जो कांटे, पत्थर हैं,
आज दूर दिल से हम
अपने सुगबुगाहट करते हैं,
खुशनुमा है जिंदगी आज
ये साबित करते हैं।

( समाहित – इकट्ठा करना
एकसर – अकेला
सहर – सुबह
सुगबुगाहट – बेचैनी )

⇒पढ़िए- सबक जिंदगी का | Sabak Zindagi Ka : Motivational Poem⇐

धन्यवाद। पढ़िए ये बेहतरीन कविताएं-

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1 comment

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Ankur shukla December 19, 2018 - 10:28 PM

Bahut bahut sukriya bhai sahab
Aapke prernadayak kavita se bahut prerna milti hai

Reply

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