Home हिंदी कविता संग्रहदेशभक्ति कविताएँ देश प्रेम पर छोटी कविताएँ :- मेरा देश है सबसे महान और मैं हूँ एक भारतवासी

देश प्रेम पर छोटी कविताएँ :- मेरा देश है सबसे महान और मैं हूँ एक भारतवासी

by Sandeep Kumar Singh

सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है

देश की एकता और अखंडता का बखान करती हुयी देश भक्ति की भावना से भरी हुयी देश प्रेम पर छोटी कविताएँ ।

पहली कविता: मेरा देश है सबसे महान।
दूसरी कविता: मैं हूँ एक भारतवासी।

देश प्रेम पर छोटी कविताएँ

देश प्रेम पर छोटी कविताएँ

१. मेरा देश है सबसे महान

यूँ तो देश कई धरती पर
पर मेरा देश है सबसे महान
कहें इसे सप्तसिंधु, इंडिया
भारत और हिन्दुस्तान
यूँ तो देश कई धरती पर
पर मेरा देश है सबसे महान।

एकता का ये पाठ सिखाये
कुदरत का हर रंग दिखाए
ईद हो या फिर हो दिवाली
मिल कर हम सब त्यौहार मनाये,
इंसानियत से है नाता सबका
इक दूजे में बसते प्राण
यूँ तो देश कई धरती पर
पर मेरा देश है सबसे महान।

पवन, पवित्र और सुन्दर है
धरती ये गुरुओं पीरों की
घर-घर में सुनाई जाती गाथा
योद्धाओं और वीरों की
इसलिए मेरी मातृभूमि पर
मुझे हर क्षण ही है अभिमान
यूँ तो देश कई धरती पर
पर मेरा देश है सबसे महान।

यूँ तो देश कई धरती पर
पर मेरा देश है सबसे महान
कहें इसे सप्तसिंधु, इंडिया
भारत और हिन्दुस्तान
यूँ तो देश कई धरती पर
पर मेरा देश है सबसे महान।

पढ़िए कविता :- ये हमारा हिंदुस्तान है।


२. मैं हूँ एक भारतवासी

न धर्म न कोई मजहब मेरा
बस मैं हूँ एक भारतवासी
अजमेर भी प्यारा है मुझको
और मुझे प्यारा है काशी
न धर्म न कोई मजहब मेरा
बस मैं हूँ एक भारतवासी।

ईद की सेवई हो या दीवाली की हो मिठाई
इस पेट ने न कभी कोई ऊँगली उठायी
दिल से रखना दिल का रिश्ता
इस देश ने ही ये रीत सिखाई
सदा हैं रहते हम मुस्कुराते
चेहरे पर कभी न आती उदासी
न धर्म न कोई मजहब मेरा
बस मैं हूँ एक भारतवासी।

इस धरा पे मुझको कोई भी मिले
मैं प्रणाम करूँ मैं सलाम करूँ
न वैर रखूं मैं किसी से कभी
चुपचाप मैं अपना काम करूँ,
अपने ही हैं सब कोई गैर नहीं
हैं जितने भी यहाँ के निवासी
न धर्म न कोई मजहब मेरा
बस मैं हूँ एक भारतवासी।

न धर्म न कोई मजहब मेरा
बस मैं हूँ एक भारतवासी
अजमेर भी प्यारा है मुझको
और मुझे प्यारा है काशी
न धर्म न कोई मजहब मेरा
बस मैं हूँ एक भारतवासी।

पढ़िए कविता :- मत बांटों इन्सान को।

अगर आपको देश प्रेम पर छोटी कविताएँ पसंद आयीं तो ब्लॉग के लिंक के साथ शेयर जरूर करें। अपनी राय कमेंट बॉक्स में देना न भूलें।

धन्यवाद।

देश प्रेम से सम्बंधित रचनाएँ:

qureka lite quiz

आपके लिए खास:

11 comments

Avatar
Om Rathore January 12, 2022 - 10:56 PM

Ok ab jab bi aap ki poem share krenge link bi sath hi share krenge

Reply
Avatar
Devendra Gopal Pujari July 10, 2021 - 6:53 PM

Very motivating lines ????????????????❤️❤️❤️❤️❤️❤️

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh July 19, 2021 - 10:37 PM

Thank You Devendra ji….

Reply
Avatar
Ashwini March 3, 2021 - 4:08 PM

Bohat achhi kavita h

Reply
Avatar
aziza zafar March 2, 2019 - 4:48 PM

Nice poetic lines

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh March 2, 2019 - 5:26 PM

Thanks Aziza…

Reply
Avatar
Taukeer Shaan August 12, 2018 - 9:05 AM

very good lines brother

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh August 12, 2018 - 11:06 AM

Thanks Taukeer Shaan Brother. ..

Reply
Avatar
Jia July 20, 2018 - 7:22 PM

Good poem.

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh July 21, 2018 - 6:02 PM

Thanks Jia..

Reply
Avatar
Sonu kumar June 19, 2018 - 8:29 PM

Though it was very helpful for my school holiday homework . Thanks to the poet

Reply

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More