शेरो शायरी – संदीप कुमार सिंह का हिंदी शायरी संग्रह भाग – 7

संदीप कुमार सिंह का शेरो शायरी संग्रह पढ़िए –

शेरो शायरी – शायरी संग्रह

शेरो शायरी

१. ज़िन्दगी शेरो शायरी

डूबते सूरज में सुबह की उम्मीद,
आगे आने वाले लम्हों की मुरीद,
ऐसी ही है जिंदगी,
सोचो तो जगे अरमान,
न सोचो तो मौत की नींद।

२. फुर्सत शेरो शायरी

थक चुका हूँ सब के मुताबिक ढलते-ढलते
सोचता हूँ लोगों से थोड़ी फुर्सत ले लूँ,
रास नहीं आती रस्में जिंदगी की निभाना अब मुझे,
इजाजत दे-दे मुझे मेरे चाहने वाले तो रुखसत ले लूँ मैं।

3. प्यार शेरो शायरी

जैसे जैसे इमारतें बड़ी होती जा रही हैं
वैसे वैसे इंसान छोटे होते जा रहे हैं,
प्यार की दुनिया में जो चलते थे अकसर
वो सिक्के भी खोटे होते जा रहे हैं।

4. कीमत शेरो शायरी

ख़त्म हो रही है इंसानियत की हदें आजकल
लोगों की सही सोच के आभाव में,
करोड़ों में बिक रहा है लिबास अब बदन का,
और बिक रहे हैं बदन कौड़ियों के भाव में।

5. इंतजार

नींद गुमशुदा और वक़्त फरार है,
जख्म देने को हर शख्स तैयार है,
इंतजार है मुझे अपनी ख्वाहिशों की आजादी का
हर अरमान मेरा मजबूरियों में गिरफ्तार है।

6. एतबार

किसी से प्यार का करार न करना
नजरें कभी दो से चार ना करना,
बड़ी धोखेबाज़ है दुनिया यारों
कभी किसी का एतबार ना करना।
किस्मत की लकीरें पढ़ने की कोशिश की आज मैंने

7. मुकाम

कहीं भी तुझे पाने का निशान ना था,
मुहब्बत के जिस सफ़र पर निकल था मैं
वहां रास्ते तो मिले पर कोई मुकाम ना था।

8. प्यारे दुश्मन

इल्जाम था मुझ पर कि बेपरवाह हूँ मैं रिश्तों के मामले में,
सच्चाई ये थी कि दुनिया में नई मिसाल बनायीं मैंने,
मेरे जनाजे पर रो रहे थे मेरे दुश्मन भी फूट-फूट कर,
इस कदर  थी दुश्मनी निभायी मैंने।

9. मंजिल

मौत के दिन तेरा हिसाब चुकता कर देंगे ए जिंदगी,
जी लेने दे अभी चार दिन सुकून से,
बढ़ रहा हूँ अपनी मंजिल की तरफ हर पल,
पा लूंगा एक दिन उसे अपने जुनून से।

10. नीयत

मेरे हिस्से की ये इज्जत मेरे बुजुर्गों की वसीयत नहीं है,
वक़्त बुरा हो सकता है मेरा लेकिन बुरी नीयत नहीं है।

11. बिकाऊ

समंदर सी गहराई मेरे ख्यालों में झलकती है,
पानी जैसे कागजों पर तैरती है अक्षरों की किश्ती यहाँ,
हर जज़्बात पहुँचता है अपनी मंजिल पर ख़ामोशी से
पैसे के लिए तो आज कल है कलम भी बिकती यहाँ।

12. वक़्त

वक़्त बेवक्त ना मुझे यूँ याद किया करो
मुझे हर पल पाने की फरियाद ना किया करो,
मैं वो शमा हूँ जो जलाकर कर राख कर दूंगा
मेरे ख्यालों में यूँ तुम अपना वक़्त बर्बाद ना किया करो।

13. साथ

जब जब दुनिया ने आजमाया है,
हमने भी अपना रंग दिखलाया है,
कौन रहता है साथ यहाँ जिंदगी भर
फिर भी जो मिला उसका साथ निभाया है।

14. खुशियां

बड़ी मुश्किल से मैं आज दिल को संभाल रहा हूँ,
उसकी यादों को अपनी जिंदगी से निकाल रहा हूँ,
टूट चुका था पता था दुनिया वालों को
मेरी मुस्कुराहट से मैं फिर भी खुशियों की मिसाल रहा हूँ।

15. फरेब

मेरी कलम कुछ लफ्ज़ तलाश रही है
सच के आईने से सच्चाई निकालने को,
फरेब की धुंध छायी है हर ओर यहाँ
और हम निकले हैं मुर्दों में जान डालने को।

16. मौत

छोड़ दो तनहा कि मुझे बर्बाद होना है
गुमनामियों के अँधेरे में कहीं खोना है,
बहुत निभा ली वफ़ा इन ज़माने वालों से
मौत आ जाये कि मुझे अब चैन से सोना है।

17. नियामतें

दुःख, तकलीफ, दर्द और गम,
रस्में, रवायतें ज़माने की अदावतें
अनजान रहते हैं इन सबसे आज-कल
जबसे हैं सिर पर खुदा की नियामतें।

18. दौर

थका हुआ मत समझना कि अभी मैं जिंदगी की दौड़ में हूँ,
रफ्तार कम हो गयी है क्योंकि अभी बुरे दौर में हूँ।

19. तनहाई

फ़ना कर दे मुझे अपनी मुहब्बत में
तेरे बिना शहर अब वीरान सा लगता है,
सन्नाटा छाया रहता है लाखों की भीड़ में
तनहाई के आलम में सब श्मशान सा लगता है।

20. भरोसा

बयां करने को दर्द मेरे पास एक लंबी दास्ताँ है
बड़ी उलफत थी जिस से आज छूटा वो कारवां है,
लुट गया है भरोसा बहरूपियों के देश में
बंजर सी धरती और सूखा आसमाँ है।

पढ़िए संदीप कुमार सिंह के लिखे कुछ और बेहतरीन शायरी संग्रह :-

धन्यवाद

Add Comment

Safalta, Kamyabi par Badhai Sandesh Card Sanskrit Bhasha ka Mahatva in Hindi Surya Ke Bare Mein Jankari | Surya Ka Tapman Vyas Prithvi Se Doori 25 Famous Deshbhakti Naare and Slogan आधुनिक महापुरुषों के गुरु कौन थे?