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ड्रग्स के शिकार लोगों पर कविता – खामोश चीख़ | Poem On Drug Abuse

by Sandeep Kumar Singh

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आप पढ़ रहे है, ( Poem On Drug Abuse In Hindi ) ड्रग्स के नशे के शिकार लोगों पर  कविता – “खामोश चीख़ “

खामोश चीख़ – ड्रग्स के नशे के शिकार लोगों पर कविता

नशे के शिकार लोगों पर कविता

सन्नाटे को चीर रही थी, उसकी चीखें इक रात को,
अँधेरे कमरे से शायद वो आज़ादी चाहता था।
उसकी आवाज़ में कोई इन्क़लाब नहीं था,
जो मांग रहा था वो कोई शबाब नहीं था।
मांग रहा था वो ज़हर जिसका वो आदी था,
खामोश सुन रहे थे सब बस वो ही इक फरियादी था।
टूट रहा था एक-एक अंग उसका,
वो खुद ही कारन था अपनी बर्बादी का।

 वो लत उसे उसके दोस्तों ने ही लगवायी थी,
जो लाख चाहने के बाद भी छूट न पायी थी।
हो रहा था तनहा वो अपनों के बीच,
जल रहा था उस आग में जो खुद उसने लगायी थी।

कल का उजाला आज अंधकार में था,
बदल गया था वो जबसे नशे के बाज़ार में था।
इस कदर फंस गया था वो अपने ही जाल में,
अपना ही घर ही बेच रहा वो धोखे के व्यापार में था।

घूम रहा था वक़्त बीत हुआ उसके सामने,
खुद को बदल नहीं सकता था वो हालात लाचार में था।
अचानक हर ओर शोर खामोश हुआ,
अब फ़िज़ाओं में दौर हवाओं का था।

खुला दरवाजा तो नज़र आया,
देख जिसे सब को पसीना आया।
झूल रहा था जिस्म इक रस्सी के सहारे
छोड़ चुका था वो दुनिया
जो अब तक तड़प रहा था।

 शायद इस हरकत से उसको सुकून आया,
चंद लम्हों में माहौल में अजीब सा जूनून आया।
पहले एक रो रहा था अब कइयों को रोते पाया।
डूब गया था एक सूरज नशे की आग में,
वंश के चिराग मैंने कई परिवारों को खोते पाया।

अगर जागती है जमीर तो अब भी जाग जाओ,
वक़्त आ गया है दूर इस बुराई से भाग जाओ।
संभल जाओ कि राह अभी बाकी है,
तमाम उम्मीदें हैं तुमसे जो पूरी करना बाकी हैं,
तमाम उम्मीदें हैं तुमसे जो पूरी करना बाकी हैं।

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आपको ये ड्रग्स के नशे के शिकार लोगों पर एक कविता ( Poem On Drug Abuse In Hindi ) कैसी लगी हमें जरुर बताएं

धन्यवाद

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7 comments

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Mamta bharti February 6, 2019 - 3:57 PM

Thanx sir bt mujhe v nshe ki lat hai

Bt shrab ki nhi pdhai ka nsha

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh February 7, 2019 - 8:04 PM

बहुत अच्छा है लेकिन नशा किसी भी चीज का बुरा होता है ये याद रखियेगा….

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rohit July 26, 2018 - 1:23 PM

haa a such hai ki sarab zindagi ko nast kar detha hai

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kiran pathak May 23, 2017 - 12:49 PM

Hello Sandeep ji main bhi ek ngo se judi hu aur ek nasha mukti k liye skit chahti hu ….aapka prayas kafi sarahniye hai thanx

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 23, 2017 - 1:15 PM

बड़ी सराहनीय बात है जो आप एक संस्था से जुड़ी हैं। बिना किसी स्वार्थ भावना के लोकहित में कार्य करना बहुत ही अच्छी बात है। आपको नशा मुक्ति के लिए स्किट किस माध्यम से चाहिए? हमें बताइये ताकि हम आपको स्किट जल्द से जल्द भेज सकें। हमारे ब्लॉग के साथ इसी तरह बने रहें।
धन्यवाद।

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Rakesh kumar singh Purw jansampark pdadhikari Bhartey sewa dal May 22, 2017 - 2:28 PM

Dhanywad mere bhai ab age dekho mai kya krta hau abhi to bihar me band huwa hai ab hamlogo ko pure bhart me band karna

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Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh May 22, 2017 - 9:15 PM

अवश्य श्रीमान नशे के खिलाफ लड़ने का आपका प्रयास सराहनीय है। हमारी शुभकामनायें आपके साथ हैं।

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