Home » Apratim Post » सनस्क्रीन बैन करने वाला पहला देश | First Country To Ban Sunscreen

सनस्क्रीन बैन करने वाला पहला देश | First Country To Ban Sunscreen

by Sandeep Kumar Singh

सनस्क्रीन बैन करने वाला पहला देश

अकसर देशों में कोई मूवी बैन होती है, कोई आदमी बैन होता है या कोई हरकत बैन होती है लेकिन एक देश ऐसा भी है जिसने अपने देश में सनस्क्रीन ही बैन कर दिया है। आइये जानते हैं सनस्क्रीन बैन करने वाला पहला देश कौन सा है? और किसलिए किया है इस देश ने सनस्क्रीन को बैन।

सनस्क्रीन बैन करने वाला पहला देश

सनस्क्रीन के बारे में शायद ही कोई न जानता हो। बाजारों में सनस्क्रीन लोशन, स्प्रे और जेल ( lotion, spray, gel ) के रूप में दुकानों पर मिल जाता है। यह सूरज से आने वाली पराबैंगनी किरणों ( Ultraviolet Rays ) को या तो सोख लेता है या फिर वापस भेज देता है। जिस से हमारी त्वचा को धूप से कोई नुकसान नहीं पहुँचता और हमारी त्वचा पर काले धब्बे या झुर्रियां नहीं पड़ती।

इंसानों के लिए फायदेमंद होने के बावजूद पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक देश पलाऊ ( Palau ) सभी सक्रिय सनस्क्रीन सामग्री पर प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है।

क्यों लगाया बैन

अपने प्राकृतिक सौंदर्य और प्राचीन समुद्रों के लिए जाना जाने वाला, प्रशांत द्वीप का राष्ट्र पलाऊ दुनिया के शीर्ष समुद्री पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है। साल 2019 में 89,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों ने देश का दौरा किया था। जबकि यहाँ की कुल आबादी 22,000 से भी कम है। इस प्रकार यह अंदाजा लगाना बहुत आसान है कि पर्यटन इस देश की आर्थिक आय और रोजगार का मुख्य स्त्रोत है।

मगर पिछले कुछ ही सालों में यही पर्यटन पलाऊ देश के पर्यावरण के लिए ख़तरा पैदा कर रहा है। हुआ कुछ ऐसा है कि बाहर से आने वाले पर्यटक अपने शरीर पर सनस्क्रीन लगा कर जब समुद्र में जाते हैं तो उनकी त्वचा पर लगा सनस्क्रीन समुद्र के पानी में घुल जाती है।

पानी में घुलने के बाद सनस्क्रीन में मौजूद केमिकल समुद्र में पाई जाने वाली प्रवाल भित्तियों ( Coral Reefs ), मछलियों व अन्य जीवों को नुकसान पहुंचाता है। उनकी प्रजनन शक्ति को कमजोर कर देता है।

 

प्रवाल भित्तियां

प्रवाल भित्तियां ( Coral Reefs )

इस बात की जानकारी पलाऊ के राष्ट्रपति को 2017 में प्रकाशित एक रिपोर्ट से मिली। जिसमें देश की यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में से एक जेलीफ़िश झील ( Jellyfish Lake ) में सनस्क्रीन उत्पादों को काफी मात्रा में पाया गया था।

इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए पलाऊ के राष्ट्रपति ने यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण के लिए उन सभी सनस्क्रीन उत्पादों पर प्रतिबन्ध लगा दिया जिनमें ऑक्सीबेनज़ोन( Oxybenzone ), ऑक्टोकिलिन ( Octocylene ), 4-मिथाइल-बेंजाइलिडीन कपूर ( 4-methyl-benzylidene camphor ), पेराबेंस ( Parabens ) और ट्राइक्लोसन ( Triclosan ) केमिकल मौजूद हों।

पलाऊ में यह बैन 1 जनवरी 2020 से लागू हुआ है।

अगर किसी के पास सनस्क्रीन पाया जाता है तो

इस प्रतिबंध के साथ ही यह भी नियम बनाया गया कि यदि किसी पर्यटक के पास सनस्क्रीन पाया जाता है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। वहीं अगर कोई दुकानदार सनस्क्रीन बेचते हुए पकड़ा गया तो उसे 1000 डॉलर जुरमाने के रूप में भरना पड़ेगा।

( First Country To Ban Sunscreen ) ” सनस्क्रीन बैन करने वाला पहला देश ” लेख आपको कैसा लगा? कमेंट बॉक्स में हमें अपने विचार जरूर बताएं। ऐसे ही और भी लेख पढ़ने के लिए ब्लॉग से जुड़े रहें।

पढ़िए अप्रतिम ब्लॉग पर यह बेहतरीन रोचक जानकारियां :-

धन्यवाद।

You may also like

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More