Home हिंदी कविता संग्रहरिश्तों पर कविताएँ दिवंगत माँ पर कविता :- इक तेरे रूप के ख़ातिर माँ | माँ को श्रद्धांजलि देती कविता

दिवंगत माँ पर कविता :- इक तेरे रूप के ख़ातिर माँ | माँ को श्रद्धांजलि देती कविता

by Praveen

सूचना: दूसरे ब्लॉगर, Youtube चैनल और फेसबुक पेज वाले, कृपया बिना अनुमति हमारी रचनाएँ चोरी ना करे। हम कॉपीराइट क्लेम कर सकते है

माँ भगवान् का दूसरा रूप है। वो चाहे पास रहे या दूर उसकी दुआएं सदा हमारे साथ रहती हैं। माँ का स्थान इस संसार में कोई दूसरा नहीं ले सकता। माँ के जाने के बाद माँ को भगवान् का रूप मानते हुए रचनाकार जब माँ की भी मूर्ति बनाने का प्रयास करता है तो उसके मन में क्या भाव आते हैं? आइये पढ़ते हैं दिवंगत माँ पर कविता में :-

दिवंगत माँ पर कविता

दिवंगत माँ पर कविता

इक तेरे रूप के ख़ातिर माँ
कितने संगमरमर रोये है,
मैं तो फिर भी इंसा हुँ
कितने अरमान पिरोये है।

औजारों की क्या बात कहुँ
निज हाथ कांपने लगते है,
रूप ना दे पाया मैं तुझसा
पत्थर भी हांफने लगते है,
कैसे रूप संवारू तेरा
जज़्बात भी मेरे सोये है,
इक तेरे रूप के ख़ातिर माँ
कितने संगमरमर रोये है।

पंच तत्व व सप्त रंग में
तूने रंग के दिखाया है,
रह गया उलझ के एक रंग में
मन मेरा भरमाया है,
कहाँ से लाऊं वो शिल्प माँ
जो कुक्षि में तेरे समाये है।
इक तेरे रूप के ख़ातिर माँ
कितने संगमरमर रोये है।

हर सांस मेरी न्यौछावर तुझपे,
चौखट तक दुआएं आयेगी,
पुजूं इसी रूप में तुझको
जन्म-जन्म मन भायेगी,
जन्नत का पथ दिखाला देना
चरणों में शीश झुकाये है।
इक तेरे रूप के ख़ातिर माँ
कितने संगमरमर रोये है।

पढ़िए :- माँ की याद में कविता “तू लौट आ माँ”


Praveen kucheriaमेरा नाम प्रवीण हैं। मैं हैदराबाद में रहता हूँ। मुझे बचपन से ही लिखने का शौक है ,मैं अपनी माँ की याद में अक्सर कुछ ना कुछ लिखता रहता हूँ ,मैं चाहूंगा कि मेरी रचनाएं सभी पाठकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें।

‘ दिवंगत माँ पर कविता ‘ के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

यदि आप भी रखते हैं लिखने का हुनर और चाहते हैं कि आपकी रचनाएँ हमारे ब्लॉग के जरिये लोगों तक पहुंचे तो लिख भेजिए अपनी रचनाएँ [email protected] पर या फिर हमारे व्हाट्सएप्प नंबर 9115672434 पर।

धन्यवाद।

qureka lite quiz

आपके लिए खास:

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More