धमकी की शायरी | Dhamki Shayari In Hindi | 15 Warning Shayari In Hindi

Warning Shayari In Hindi – धमकी शब्द पर आधारित मशहूर शायरों का शायरी संग्रह ” धमकी की शायरी ” –

Dhamki Shayari In Hindi
धमकी की शायरी

धमकी की शायरी

कब भला धमकी से घबराते हैं हम,
दिल में जो होता है कह जाते हैं हम।

असरार-उल-हक़ मजाज़


मगर ये अनोखी निदा जिस पे गहरी थकन छा रही है,
ये हर इक सदा को मिटाने की धमकी दिए जा रही है।
निदा – आवाज़

मीराजी


ज़माना देता है मुझ को ज़वाल की धमकी,
न जाने कौन सा मुझ में कमाल रक्खा है।
ज़वाल – गिराना

नज़ीर बनारसी


बात सब के फ़ाएदे की है ये कैसे मान लें,
जब कि धमकी आप के एलान में मौजूद है।

शादाब अंजुम


ग़ैर की धमकी से हम डर जाएँ ये मुमकिन नहीं,
ऐसे बूदे भी नहीं हैं कुछ हमारे हाथ पाँव।
बूदे – कमज़ोर

आग़ा अकबराबादी


ये तो धमकी है कि वो ग़ैर के घर जाएँगे,
हम-नशीं देखना हिर-फिर के इधर आएँगे।

जितेन्द्र मोहन सिन्हा रहबर


ये क्या हर बात पर धमकी है हम तुझ से समझ लेंगे,
हमारे हक़ में जो कुछ तुम को करना हो अभी कर लो।

नूह नारवी


मर जाने की धमकी हुई तम्हीद-ए-तमाशा,
मैं ने कहा देख उस ने कहा देख रहा हूँ।
तम्हीद-ए-तमाशा – तमाशा बनना

हफ़ीज़ जालंधरी


मुझ को पिंजरे से तो निकाला पर सय्याद ने धमकी दी,
बाज़ू झड़ जाएँगे तेरे तू ने उड़ना चाहा तो।

नवाज़ असीमी


एक को झिड़की एक को धमकी,
कौन है आप की ज़बान से ख़ुश।

नूह नारवी


आँख के अंधे हैं कानों से भी मअज़ूर हैं हम,
”बॉस” की नित-नई धमकी से भी रंजूर हैं हम।

नज़र बर्नी


कैसे डर जाएँगे धमकी से तिरी ऐ नादाँ,
क्या तू वाक़िफ़ नहीं हैं कितने दिलावर हम लोग।

काैकब ज़की


देखिए कब तक ज़मीं ज़र्रों की धमकी सहे,
ज़ीस्त के रुख़ पर ग़ुबार देखिए कब तक रहे।
ज़ीस्त – ज़िन्दगी, रुख़ – चेहरा, ग़ुबार – धूल

वामिक़ जौनपुरी


असर कर गई नफ़्स-ए-रहज़न की धमकी,
कि याँ मर्द कम और ज़नाने बहुत हैं।
नफ़्स-ए-रहज़न – लूटेरा

इस्माइल मेरठी


ज़ुल्म सहने वालों का सब्र ख़त्म होता है,
सिर्फ़ एक धमकी है फैलती है दहशत क्या।

साक़ी फ़ारुक़ी


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