धार्मिक विचार हिंदी में | सुविचार संग्रह – 4 By संदीप कुमार सिंह

जीवन के अलग -अलग मोड़ पर हमें कई तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अगर ये परिस्थिति अच्छी हो तो हम खुश होते हैं और बुरी हो तो दुखी होते हैं। इतना ही नहीं इन सब के लिए हम भगवान् को जिम्मेवार ठहराते हैं। लेकिन ये सब हमारे ही कर्मों का फल होता है। जिसे हमें भुगतना पड़ता है। भगवान् किसी का बुरा कभी नहीं करते। प्रभु के बारे में ऐसे ही कुछ विचार आज हम आपके लिए लेकर आये हैं :- ‘ धार्मिक विचार हिंदी में ‘

धार्मिक विचार हिंदी में

धार्मिक विचार हिंदी में

1. भगवान से कुछ भी मांगना है तो सदबुद्धि मांगिये, बाकी सब अपने आप मिल जाएगा।


2. कुछ भी हासिल करने के लिए हमें घर से बाहर निकलना ही पड़ता है, परन्तु भगवान् को हम अपने अन्दर ही पा सकते हैं।


3. संयम, सत्यता, सहनशीलता और सही सोच मिल जाए तो इश्वर अपने आप मिल जाते हैं।


4. प्रभु हर उस जगह दिख जाते हैं, जहाँ हम देखना चाहते हैं।


5. हमें कर्म करते रहना चाहिए, तपस्या भी एक कर्म है। कर्मों का फल अवश्य मिलता है।


6. इश्वर वही देता है जो आप मांगते हो, इसलिए अनजाने में भी मांगो तो सोच समझ कर मांगो।


7. अगर भगवान ने दुःख दिए हैं तो कुछ सोच कर ही दिए होंगे। सोना आग में ही खरा होता है और पत्थर हथौड़े की चोट से ही मूर्ति का रूप धारण करता है।


8. अपनी हालत के लिए भगवन को कभी दोष मत देना, यह मात्र तुम्हारे कर्मों का फल है।


9. संसार देखने के लिए शरीर की आँखें हैं। प्रभु को देखने के लिए मन की आँखें खोलनी पड़ती हैं।


10. भगवान वहीं हैं जहाँ ज्ञान है।



11. भगवान कभी भी पैसा कमाने से मन नहीं करते, वो बस इतना ही कहते हैं की पैसे से मोह मत करो।


12. प्रभु में विश्वास हो और खुद में आत्मविश्वास हो तो जीवन में कुछ भी प्राप्त करना असंभव नहीं होता।


13. इश्वर के लिए सब बराबर हैं, जैसे माँ-बाप के लिए उनके सब बच्चे बराबर होते हैं।


14. भगवान् ने आपको जीवन दिया है, अब आपका कर्त्तव्य है दूस्र्तों को खुशियाँ देना।


15. जो व्यक्ति दूसरे व्यक्तियों में इश्वर को देखता है उसने इश्वर को प्र्काप्त कर लिया है।


16. भाग्य उसी का चमकता है जिसने सच्ची लगन से उच्च कर्म किये हों।


17. सत्य की तलाश नहीं की जाती, सत्य को अपनाया जाता है।


18. सिर्फ मुसीबत के समय ही नहीं, हर समय भगवान् हमारे साथ हैं। जरूरत है तो उन्हें महसूस करने की।


19. किस्मत की बैशाखियों से इंसान सिर्फ चल सकता है, दौड़ नहीं सकता। कर्म की ताकत ही इन्सान को आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करती है।


20. प्रभु पर विश्वास करने से पहले सभी शंकाओं को दूर कर देना। अगर सफल न हुए तो उसके पीछे भी तुम्हारा भला ही होगा।



आपको यह ‘ धार्मिक विचार संग्रह ‘ कैसा लगा अपनी राय जरूर दें। यदि आपका कोई सुझाव है तो उसे भी हम तक अवश्य पहुंचाएं।

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धन्यवाद।

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