देश भक्ति बाल कविताएँ :- ये देश है प्यारा भारत मेरा और माँ मुझको बन्दूक दिला दो

जब देश भक्ति की बात आती है तो भारत में सिर्फ बड़े ही नहीं बच्चे भी जोश से भर जाते हैं। बच्चों में अगर बचपन से ही देश भक्ति की भावना आ जाती है तो वह सारा जीवन ही देश को समर्पित कर देते हैं। भारत में इसके एक नहीं कई उदाहरण हैं। जिनमे भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद मुख्य हैं। बच्चे ही देश का भविष्य होते हैं और अगर बच्चे देश भक्त होंगे तो देश को तरक्की करने से कौन रोक सकेगा? तो इसीलिए लाये हैं हम बच्चों को देश भक्ति के लिए प्रेरित करती देश भक्ति बाल कविताएँ :-

देश भक्ति बाल कविताएँ

 देश भक्ति बाल कविताएँ

ये देश है प्यारा भारत मेरा

ये देश है प्यारा भारत मेरा
मैं इसकी संतान हूँ
इसकी सेवा की खातिर मैं
हर पल ही कुर्बान हूँ,

यहाँ गंगा,यमुना, सरस्वती
यहाँ अरावली के पर्वत हैं
सागर है धरा के चरण धुले
बहुत ही अद्भुत कुदरत है,

यहाँ जन्में हैं साधू संत कई
जन्में हैं यहाँ पर वीर महान
इसी वजह से भारत की है
विश्व में एक अलग पहचान,

होकर के बड़ा मैं भी इस देश की
सेवा में समय बिताऊंगा
मेहनत से अपनी इसको
प्रगति की और ले जाऊंगा,

इस देश ने है जो मुझको दिया
न उस से मैं अनजान हूँ
ये देश है प्यारा भारत मेरा
मैं इसकी संतान हूँ।

पढ़िए :- वो भारत देश है मेरा ‘देशभक्ति कविता’


माँ मुझको बन्दूक दिला दो

माँ मुझको बन्दूक दिला दो
मैं भी लड़ने जाऊंगा
सरहद पर बन फौजी मैं
दुश्मन को मार भागाउंगा,

भगत सिंह, आज़ाद मैं बन कर
गीत देश के गूंगा
बस भारत माँ के क़दमों में
शीश मैं अपना झुकाउंगा,

जो पड़ी मुसीबत कभी किसी पर
मैं उसकी ढाल बन जाऊँगा
दुश्मन के अंत की खातिर मैं
उसका काल बन जाऊँगा,

न दुखी किसी को होने दूंगा
मैं इतनी खुशियाँ लुटाऊंगा
तुझसे जो किया ये वादा
वो मैं मरते दम तक निभाऊंगा,

माँ मुझको बन्दूक दिला दो
मैं भी लड़ने जाऊंगा
सरहद पर बन फौजी मैं
दुश्मन को मार भागाउंगा।

पढ़िए :- देश भक्ति कविता ‘सरहद पर खड़ा जवान है।’

देश भक्ति बाल कविताएँ आपको कैसी लगीं? अपने विचार हम तक अवश्य पहुंचाएं।

धन्यवाद।

2 Comments

  1. Avatar Prashant
    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh

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