डर के आगे जीत है :- बहादुरी पर कविता | Dar Ke Aage Jeet Hai Poem

कभी-कभी जीवन में ऐसे पल आते हैं जब हम परिस्थितियों के सामने घुटने टेक देते हैं। हमारे मन में कहीं एक डर की भावना उत्पन्न हो जाती है। परन्तु अगर हमें जिंदगी में आगे बढ़ना है तो इस बात को मानना होगा कि हम बिना अपने डर पर जीत प्राप्त किये आगे नहीं बढ़ सकते इसलिए हमें अपने डर पर विजय पानी होगी। इसी सन्देश को मैं इस कविता ‘ डर के आगे जीत है ‘ के जरिये आप तक पहुंचा रहा हूँ।

डर के आगे जीत है

डर के आगे जीत है

मत थर-थर-थर-थर काँपो तुम
इस अवसर को अब भाँपो तुम
ये वक़्त है तुम्हें पुकार रहा
इससे अब दूर न भागो तुम,

मिल जाओगे तुम मिट्टी में
जो अब भी हिम्मत हार गए
पहुंचोगे दूर ऊँचाई पर
जो इस डर को मार गए,

है वही सिकंदर जीवन का
बहादुरी से जिसकी प्रीत है
ज्ञान यही है जीवन का कि
डर के आगे जीत है।

है पर्वत ऊँचे तो क्या डर
तू चढ़ने की कोशिश तो कर
यूँ सोच-सोच कर आज ही तू
मरने से पहले न मर,

होता है नाम उन्हीं का जग में
जो सबसे अलग कुछ कर जाएँ
मेहनत की कलम से जग में वो
इतिहास नया इक रच जाएँ,

उसका ही जीवन धन्य है जिसके
मन में विजय का गीत है
ज्ञान यही है जीवन का कि
डर के आगे जीत है।

तूफ़ान तो आते रहते हैं
ठहराव का जीवन व्यर्थ ही है,
जिस जीवन में संघर्ष न हो
उसका जीवन तो बेअर्थ ही है,

बढ़ना है तुझको आगे तक
आसमान के पार भी जाना है
जब चलें तो कोई न रोक सके
हमें इतना जुनून बढ़ाना है,

जो बोएँगे वही काटेंगे
यही तो जग की रीत है
ज्ञान यही है जीवन का कि
डर के आगे जीत है।

मिल जाएगी मंजिल भी इक दिन
होंगे पूरे सपने सभी
है वक़्त चल रहा गर्दिश में
करो थोड़ा इन्तजार अभी,

बांधे रखो उम्मीद की डोर
और करते रहो प्रयास
फल है इक दिन मिल ही जाता
जो निरंतर करे अभ्यास,

फिर जीवन खुशहाल है होता
बजते खुशियों के गीत हैं
ज्ञान यही है जीवन का कि
डर के आगे जीत है।

पढ़िए :- हौसला बढ़ाती कविता :- चल छोड़ दे रोना तू

आपको यह कविता ‘ डर के आगे जीत है ‘ कैसी लगी हमें अवश्य बताएं।

पढ़िए और भी प्रेरणादायक कविताएं :-

धन्यवाद।

8 Comments

  1. Avatar funny singh
  2. Avatar निखिल
  3. Avatar Arvind
    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh
  4. Avatar Achhipost

Add Comment