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भारतीय सैनिक पर कविता :- वीरों के बलिदानों से | Bhartiya Sainik Poem In Hindi

by Sandeep Kumar Singh
5 comments

Bhartiya Sainik Poem In Hindi – भारत की सेना के वीर जवान हमारे देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उनकी बहादुरी और देश के लिए समर्पण की वजह से ही हम अपने घरों में चैन की नींद सो पाते हैं। हमारे देश में आतंक फ़ैलाने वाले दुश्मनों की हर कोशिश को नाकाम करते हैं। ऐसा हमारे देश में आये दिन होता रहता है। सैनिक शहीद हो जाते हैं मगर तिरंगे की शान पर कोई आंच नहीं आने देते। आइये पढ़ते हैं भारत के उन्हीं वीर फौजियों को समर्पित भारतीय सैनिक पर कविता ” वीरों के बलिदानों से ”

Bhartiya Sainik Poem In Hindi
भारतीय सैनिक पर कविता

भारतीय सैनिक पर कविता | वीरों के बलिदानों से

शत्रु सीमा लांघ ना जाए
खड़े रहें चट्टानों से
देश भक्ति क्या होती है
तुम पूछो जरा जवानों से,
शीश झुकाया नहीं भले ही
अपने प्राण गवाएँ हैं
भरा पड़ा इतिहास हमारा
वीरों के बलिदानों से।

धूल चटाई बैरी को
जब उसने आँख उठाई है
भारत की सेना के रूप में
उसकी मृत्यु आई है,
मार भगाया है दुश्मन को
सरेआम मैदानों से
भरा पड़ा इतिहास हमारा
वीरों के बलिदानों से।

वीर सपूतों की गाथा
सारा भारत ही गाता है
देख के इनका जज़्बा
दुश्मन भी थर-थर थर्राता है,
करते हैं रक्षा ये हमारी
आतंकी शैतानों से
भरा पड़ा इतिहास हमारा
वीरों के बलिदानों से।

मिलती है वर्दी जिनको
वो किस्मत वाले होते हैं
उनके होने से ही हम
रातों को चैन से सोते हैं,
रहें सलामत वीर हमारे
निकले दुआ जुबानों से
भरा पड़ा इतिहास हमारा
वीरों के बलिदानों से।

इस कविता का विडियो यहाँ देखें :-

Poem On Indian Army | सैनिक पर कविता ( वीरों के बलिदानों से ) | Bhartiya Sainik Par Kavita

भारतीय सैनिक पर कविता ” वीरों के बलिदानों से ” ( Bhartiya Sainik Poem In Hindi ) आपको कैसी लगी? अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

पढ़िए सैनिक को समर्पित यह बेहतरीन रचनाएं :-

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5 comments

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Reva Kumari जुलाई 19, 2021 - 3:27 अपराह्न

Can you write the poem on my name and my Best friend Aryan name plz

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh जुलाई 19, 2021 - 10:36 अपराह्न

Sure why not just email us on blogapratim@gmail.com or text us on whatsapp no. 9115672434

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Reva Kumari जुलाई 19, 2021 - 3:22 अपराह्न

It's a very nice poem and I really loved it

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Talish Arhaan दिसम्बर 18, 2020 - 6:00 अपराह्न

What is the name of the author of this poem ?

Reply
Sandeep Kumar Singh
Sandeep Kumar Singh दिसम्बर 20, 2020 - 5:46 अपराह्न

Sandeep Kumar Singh…..

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