बनावटी लोगों पर कविता | Best Hindi Poem On Fake People

बनावटी लोगों पर कविता ( Hindi Poem On Fake People ) में उन लोगों से दूर रहने की सलाह दी गई है जो ऊपर से तो मीठे बनकर सहानुभूति दिखाते हैं लेकिन मन में कटुता का जहर छुपाए रखते हैं। ये हमारे शुभचिंतक होने का दिखावा करते हैं किन्तु चुपचाप हमारी जड़ें खोदते रहते हैं। समय आने पर ये हमारे विरुद्ध दुष्प्रचार करने से भी नहीं चूकते। उचित यही है कि हम ऐसे बनावटी लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देकर अपने निर्धारित पथ पर अग्रसर होते रहें। बनावटी सम्बन्धों से तो अकेले रहना ही ठीक है। 

Hindi Poem On Fake People
बनावटी लोगों पर कविता

बनावटी लोगों पर कविता

आते हैं सबके जीवन में
ऐसे भी कुछ लोग,
जो तनाव का पैदा करते
अनजाने ही रोग।

नहीं हमारे दुःख की जिनको
थोड़ी भी परवाह,
किन्तु भला बनने को देते
हमको कई सलाह।

दुःखी देखकर हमको होते
मन में बड़े प्रसन्न,
ठेस इन्हें लगती है भारी
देख हमें सम्पन्न।

अच्छाई ये देख न पाते
बस कमियों पर ध्यान,
खुश होते ये कहीं हमारा
जब होता अपमान।

नहीं सुहाता इन्हें हमारे
मन में हो उल्लास,
डिगा हमारा ये देते हैं
अपने से विश्वास।

उचित नहीं ऐसे लोगों से
रखना ज्यादा मेल,
जो बिगाड़ कर रख देते हैं
बना बनाया खेल।

बनें नहीं हम इनके जैसा
देकर इन्हें जवाब,
करें न हम इनकी बातों से
अपना समय खराब।

अच्छा हो इनकी बातें हम
जल्दी जाएँ भूल,
रखें न गाड़े मन के भीतर
कड़वाहट का शूल।

दुखदायी इनकी यादों को
पीछे छोड़ तमाम,
बढ़ें राह पर जीवन की हम
करते अपना काम।

बनावटी लोगों पर कविता ( Hindi Poem On Fake People ) आपको कैसी लगी? अपने विचार कमेंट बॉक्स में लिखना न भूलें।

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