बाल दिवस पर छोटी सी कविता :- भाग्य विधाता देश के ये भारत की शान

पंडित जवाहरलाल नेहरु जी के जन्मदिवस,जोकि बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वो बच्चों से बहुत प्यार करते थे और उन्हें ही देश का भाग्य विधाता मानते थे। आइये पढ़ते हैं उनकी इसी सोच को समर्पित बाल दिवस पर छोटी सी कविता :-

बाल दिवस पर छोटी सी कविता

बाल दिवस पर छोटी सी कविता

प्यारे बच्चे गर खिले,
कोमल कुसुम समान ।
ये खिल जाय तो महके,
सारा हिन्दुस्तान ।।

इस मासूम सूरत में,
फूलों सी मुस्कान ।
रूठे व माने पल में,
करे नहीं अभिमान ।।

मधुर तोतली बोल पे,
फिदा सभी की जान ।
इनके निश्छल भाव पे,
ईश्वर भी कुर्बान ।।

बच्चे सब सच्चे लगे,
वो अमूल्य वरदान ।
जो आगे चलकर रखे,
देश-धर्म का मान ।।

भाग्य विधाता देश के,
ये भारत की शान ।
ये खिल जाय तो महके,
सारा हिन्दुस्तान ।।

पढ़िए बाल दिवस को समर्पित यह बेहतरीन रचनाएं :-


Vinay kumarयह रचना हमें भेजी है आदरणीय विनय कुमार जी ने जो की अभी रेलवे में कनिष्ठ व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं।
रचनाएं व अवार्ड: इनकी रचनाएं देश के 50 से अधिक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है। जिस के फलस्वरूप आप कई बार सम्मानित हो चुके हैं। गत वर्ष 2018 का रेलमंत्री राष्ट्रीय अवार्ड भी रेल मंत्री ने दिया था।
लेखन विद्या: गीत, ग़ज़ल, दोहा, कुण्डलिया छन्द, मुक्तक के अलावा गद्य में निबंध, रिपोर्ट, लघुकथा इत्यादि। तकनीकी विषय मे हिंदी में लेखन।

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धन्यवाद।

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