Aukat Shayari In Hindi | औकात पर शायरी by संदीप कुमार सिंह

Aukat Shayari In Hindi – इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में सब लोग बहुत तेजी से आगे बढ़ने के लिए कोशिश कर रहे हैं। और ये प्रतियोगिता इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि एक इंसान दूसरे को एक सीढ़ी की तरह प्रयोग कर रहे हैं। इंसान की औकात क्या है हर मतलबी दोगला घटिया इंसान या तो इस बारे में पूछ रहा है या फिर अपनी औकात दिखा रहा है। इसी को अपना विषय वस्तु बना कर हम आपके सामने ” औकात पर शायरी ” शायरी संग्रह लेकर आये हैं।

Aukat Shayari In Hindi
औकात पर शायरी

Aukat Shayari

1.

बिगड़ रहा हो वक़्त तो, न कोई हालात पूछता है,
टकरा जाता है कोई अनजाने में, तो सबसे पहले औकात पूछता है।


2.

दिखा दी है औकात, जिन्हें हम अपना मानते थे,
वो ही निकले बेवफा, जिन्हें सबसे करीब मानते थे।


3.

बात तो औकात की होती है जिंदगी में अक्सर
कोई बता जाता है, कोई दिखा जाता है।


4.

बहुत कोशिशें की थीं, उसने खुद को बदलने की,
मौका मिलने पर जो आज, अपनी औकात दिखा गया।


5.

सिलसिला न रुका खुशियों का
कि वो हमारी खुशियों की सौगात थी,
कैसे आ जाता कोई गम जिंदगी में
उसके आगे ग़मों की क्या औकात थी।


6.

दर्द दिल में और मन में
जज़्बात लेकर घूमते हैं,
इन्सान हैं हम इंसानियत की
औकात लेकर घूमते हैं।


7.

बदल गयी है जिंदगी किसी की
किसी के दिन और किसी की रात बदल गयी है,
अब वो लहजा कहाँ है उसके अल्फाजों में
देखो आज किसी की औकात बदल गयी है।


8.

औकात का पैमाना भी
आजकल पैसा हो गया है यारों,
बिक चुका है ये भी
कुछ रईसदारों के हाथ।


9.

बुरे वक़्त के साथ
जो मैंने अपनी मुलाकात देख ली,
किसी की सच्चाई और
किसी की औकात देख ली।


10.

सफलता की फसल सींचने को
मेहनत की बरसात बनानी पड़ती है,
झुक के सलाम करती है ये दुनिया
पहले बस औकात बनानी पड़ती है।


11.

जिन्हें हमने अपना समझा
वो आज गैरों में हैं,
हमें दिखाते थे जो औकात
वो आज किसी और के पैरों में हैं।


12.

खुद के बारे में वो बताते हैं जिनसे लोग अनजान है
पता लग ही जाता है  हर इन्सान की औकात का,
कारनामे तुम्हारे खुद तुम्हारी पहचान हैं।


13.

घूम फिर कर हर शख्स
उसी बात पर आ जाता है,
मतलब निकल जाए तो अपनी
औकात दिखा जाता है।


14.

कभी-कभी जमीन पर
गिरना भी जरूरी है दोस्तों,
ऊंचीं उड़ाने अक्सर इन्सान को
उसकी औकात भुला देती है।


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धन्यवाद।

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