आतंकवाद पर कविता :- यह आतंक मिटाना होगा | Aatankwad Par Kavita

पाकिस्तान द्वारा फैलाये जाने वाले आतंक को भारत एक अरसे से झेलता चला आ रहा है। परन्तु हर चीज की एक हद होती है। उस आतंक के भी अब आखिरी दिन आ चुके हैं। क्योंकि भारत ने अब सहना छोड़ कर बदला लेना शुरू कर दिया है। अब अतंका और आतंकवाद दोनों का जल्द ही खात्मा होगा। इसकी जरूरत भी है। इसी विषय पर आधारित है यह ” आतंकवाद पर कविता ”

आतंकवाद पर कविता

आतंकवाद पर कविता

राष्ट्रवाद के सिद्धांतो पर
अब हमको आना होगा।
छोड़ अहिंसा, शान्तिवाद सब
यह आतंक मिटाना होगा।।

अब ना झुकेंगी अब ना सहेंगी
सीमायें अपमान की।
लड़ने को तैयार है सारी
सेना हिंदुस्तान की।।

सुधर जाओ कह-कह कर
कितनी बार चेताया हैं।
देख पराक्रम हिंद देश का
बर्बर कुल घबराया है।।

अभिनंदन सा वीर पराक्रमी
घर मे घुस के आया है।
दांतों तले दबा ऊंगली
पाकिस्तान थर्राया है।।

छोडो़ अमन चैन की बातें
अब कश्मीर बचाना है।
कह दो जाकर गद्दारो से
अब ना शीश झुकाना है।।

अंत निकट आया है तेरा
जब-जब बैठुं ध्यान धरु।
आज भी जिन्दा मन मे मेरे
वीर भगत और राजगुरु।।

सिर में गोली खाने वाला
हँस के फाँसी झुलने वाला।
बलिवेदी की धरा पे तुझे
नसीब ना होगा एक निवाला।।

कौडी़ नहीं पास में फूटी
फिर भी बात बनाये मोटी।
चूहे से डरने वाला कहे
लाऊँ पकड़ हिंद की चोटी।।

बटंवारे को भूल गये क्या
सर ढकनें को छत नहीं थी।
पैंसठ करोड़ दिये तब जाकर
तुमको तिरपाल मिली थी।।

पैंसठ और इकहत्तर की
जंगों को याद दिलाना है।
लहु का कतरा-कतरा बहाकर
अमन चैन फिर लाना है।।

आजादी के पावन पर्व पे,
हिंद की बेटियाँ आयेगी।
वीर सपुतों के माथे पे,
राखी का तिलक लगायेगी।।

बोलेगी वीर लाज हमारी,
कभी ना मिटने देना।
सौगंध तुम्हें इस राखी की,
वतन ना बिकने देना।।

अब भी समय है सभंल जा पाक
मत कटवा तु अपनी नाक।
छोड़ दे कश्मीर के सपने
वरना तु हो जाएगा खाक।।

कारगिल में भी मुंह की खाया
तब भी उनको समझ ना आया।
दहशतगर्दि अब तो रोको
अतं समय तोरा निकट है आया।।

वीरों के लहु के रंगों से
गर अहिंसा भगं होगी।
सुन लो ऐ-पाकिस्तानीयों
इस बार आखिरी जंग होगी।।

मोदी जी दरख़्वास्त आप से
कितना सीना फैलायेंगें।
कब तक आतंकवाद पर
वीरों की बलि चढायेंगें।।

बदला लेना है पुलवामा का
जल-जल कहे ये वीर जवान।
भारत माँ भी रो पड़ी
हिंद बना देखो श्मशान।।

अब तक चुप थे, अब ना रहेगें
आंतककियों को सिखलायेगें।
जल थल वायु सेना सें ही
उनका कब्रिस्तान बनायेंगें।।

सैना का मान तिरंगा है
सेना का अभिमान तिरंगा है।
गर टकराया पाकिस्तान
लाशों के ढेर लगायेंगे।।

जब तक दम है सीने में
हम हिंदुस्तान बचायेंगें।
आज नहीं तो कल नक्शे से
हम पाकिस्तान मिटायेंगें।।

वीर जवानों सुन लो तुम
नारा यही लगायेंगें।
भारत माँ की जय के साथ
हम वंदेमातरम गायेंगें।।

पढ़िए :- देश के पह्रेदारोंको समर्पित “सैनिक पर कविता”


Praveen kucheriaमेरा नाम प्रवीण हैं। मैं हैदराबाद में रहता हूँ। मुझे बचपन से ही लिखने का शौक है ,मैं अपनी माँ की याद में अक्सर कुछ ना कुछ लिखता रहता हूँ ,मैं चाहूंगा कि मेरी रचनाएं सभी पाठकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनें।

‘ आतंकवाद पर कविता ‘ के बारे में अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। जिससे रचनाकार का हौसला और सम्मान बढ़ाया जा सके और हमें उनकी और रचनाएँ पढ़ने का मौका मिले।

धन्यवाद।

qureka lite quiz

2 Comments

  1. Avatar Shashitosh jha
    • Sandeep Kumar Singh Sandeep Kumar Singh

Add Comment